रिपोर्ट – आदित्य गुप्ता
 
बनारस। प्रदेश सरकार स्वास्थ सुविधाओं को दुरुस्त करने और गरीबों का निशुल्क इलाज करने की दिशा में अग्रसर है पर इस कार्य को स्पीड ब्रेक लगा रहे है खुद सरकारी अस्पतालों के डाक्टर जिसका एक जीता जागता उदाहरण मंगलवार को शहर के मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा में देखने को मिला। जब बिहार के मुंगेर जिले से आई महिला से आपरेशन के लिए सरकारी डॉक्टर ने 5 हज़ार रूपये की मांग कर दी। साथ आये परिजनों ने जब अपनी मजबूरी बतायी तो डॉक्टर ने इलाज के लिए मना कर दिया।
फिलहाल घटना की सूचना परिजनों द्वारा फोन से जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से की तो उन्होंने मंडलीय चिकित्सालय के प्रबंध निदेशक को निर्देशित किया तब जाकर महिला का इलाज शुरू हुआ। फिलहाल परिजनों ने मंडलीय चिकित्सालय के प्रबंध निदेशक को इस बारे में डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत की है।
 
इस सम्बन्ध में बिहार के मुंगेर जिले से आये उत्तम कुमार राणा ने बताया कि ‘ कुछ दिन पहले मेरी भाभी की गंभीर अवस्था में हम उसे 2 तारीख को मंडलीय चिकित्सालय कबीरचौरा लेकर आये। जहां उसे डॉ एम् पी मिश्रा ने देखा और आपरेशन के लिए कहा। आज जब मेरी भाभी को लेकर हम लोग ओटी के बाहर पहुंचे तो उन्होंने हमसे 5 हज़ार रूपये आपरेशन के नाम पर मांगे और कहा कि जाओ पैसे लेकर आओ तब आपरेशन होगा। हमने उनसे कहा कि हम गरीब हैं और हमारे पास सिर्फ एक हज़ार रूपये है तो बोले की तो फिर जाओ यहां से यहां आपरेशन नहीं हो पायेगा। हमने एक मीडिया कर्मी के कहने पर इस बात की शिकायत मंडलीय चिकित्सालय के प्रबंध निदेशक डॉ सतीश चन्द्र सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि हमें लिखित दें। जिसपर हमने उन्हें लिखित शिकायत डॉ एम् पी सिंह के बारे में की है उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
इस सम्बन्ध में मंडलीय चिकित्सालय के प्रबंध निदेशक डॉ सतीश चन्द्र ने बताया कि ‘ मुंगेर बिहार से आये मरीज़ के परिजनों से डॉ एम् पी मिश्रा द्वारा पैसा मांगने की बात सामने आई है और मरीज़ के परिजनों ने लिखित शिकायत की है। जिसपर कड़ी कार्यावाही की जाएगी और दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
 
बिहार से आये उत्तम राणा के अलावा भी कुछ लोग इस वजह से परेशान है कि उनसे पैसे मांगे गये या आपरेशन के समय लिए गये। मंडलीय चिकत्सालय की नयी बिल्डिंग में वार्ड नंबर 4 में एडमिट महिला के पित्त की थैली में पथरी का आपरेशन दो दिन पहले हुआ है। इस महिला का पति और वो खुद मजदूर है। किसी तारह मजदूरी कर ये अपने बच्चों और अपना पेट भरते है। उसके पति नवनी लाल ने बताया कि जब पत्नी का आपरेशन कराने हम लोग यहां आये तो डॉ साहब ने हमसे कहा कि 3 हज़ार रूपये लाओ तब होगा आपरेशन। हमने डॉक्टर साहब के हाथ पैर पकडे की मेरी बीवी मर जायगी पर वो नहीं माने तब हमने अपने मालिक से बात करके पैसे मंगवाए और इन्हें 3 हज़ार रूपये किसी तरह दिए। अभी भी वो आपरेशन के बाद दो हज़ार रूपये और मांग रहे है और ना देने पर गलत इंजेक्शन देने की बात करके डरा रहे है।

 

 
जिन डाक्टरों को सरकार द्वारा अच्छी तनख्वाह और सुवीधा मिलती है आखिर वो किस बात का पैसा मरीजों से मांगते है जबकि सरकारी अस्पताल में सभी प्रकार के आपरेशन निशुल्क है। कुछ आपरेशन में 300 रूपये देने पड़ते है वरना सभी आपरेशन मुफ्त सरकार की तरफ से, उसके बाद भी यह कृत्य कुछ और ही बात दर्शा रहा है।
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