बनारस। सुर गंगा कार्निवल के साथ साथ सारेगामापा म्यूज़िक एकेडमी और पहल द्वारा संचालित म्यूज़िक जंक्शन वर्कशाप में काशी की मोनिका भारद्वाज भी अपने सपनो का रंग बिखेरेगी, पर मोनिका इस सपनो के रंगो को देख नहीं सकती। मोनिका जन्म से आंखो से दिव्यांग है। सारेगामापा म्यूज़िक एकेडमी के ऑडिशन में मोनिका के गाने के सभी ऐसा मंत्रमुग्ध हुए कि उसे कार्निवल के मुख्य संस्करण में गाने के न्योता दिया गया है। टीम Livevns ने मोनिका और उनके पिता से इस बारे में ख़ास बातचीत की

 

 
मोनिका बचपन से ही देख नहीं सकती। उसे नहीं पता की जीवन का रंग कैसा है। वो उसे सिर्फ महसूस कर सकती है। काशी के आराजी लाइन ब्लाक के पनियरा गांव के निवासी बृजनाथ भारद्वाज और सितारा देवी की 5 संतानों में चौथे नंबर की मोनिका जन्म से दिव्यांग है। उसकी कशिश भरी आवाज़ से हर कोई खीचा चला आता है। पिता बृजनाथ ने बताया कि ” बचपन से ही मोनिका गानों में ज़्यादा रूचि दिखाती थी। हमने उसका नाम जीवन ज्योति अंध विद्यालय अकथा सारनाथ में करा दिया। जहां से उसने इंटर और 5 साल का संगीत में फाउंडेशन कोर्स किया है।

 

सोशल मीडिया से मिली कार्निवल ऑडिशन की जानकारी
बृजनाथ ने बताया कि जब सारेगामापा म्यूजिक एकेडमी का आडिशन शुरू हुआ तो मेरे व्हात्सप्प पर मैसेज आया। मै इसे ऑडिशन में लेकर आया। जहां इसने भूपेन्द्र हजारिका का दिल हूं हूं करे गाना गाया तो ऑडिशन ले रहे संगीतकार इसके पास चले आये और इस मुख्य कार्निवाल के लिए सेलेक्ट किया। उसके बाद हमें फिर बुलाया गया था और उस समय मोनिका को दो गाने दिए गये है जो दोनों देशभक्ति है। जिसमे ऐ मेरे वतन के लोगों गाना मुख्य है।

 

खुश है मोनिका
म्यूजिक जंक्शन वर्कशॉप में ध्यान से म्यूजिक की बारीकियां सीखती मोनिका बहुत खुश है। Livevns से बात करते हुए मोनिका ने बताया कि ‘ मुझे गाने से बहुत लगाव है। गाना गाती हूं तो जिंदगी में उजाला सा महसूस होता है। बहुत खुश हूं की इतने बड़े आयोजन के मुख्य स्टेज पर हज़ारों लोगों के बीच गाने का मौक़ा मिलेगा।

 

28 अप्रैल को देगी प्रस्तुति
सुर गंगा कार्निवल के मुख्य आयोजक और पहल संस्था के अध्यक्ष आलोक पारिख ने बताया कि ‘ मोनिका 28 अप्रैल की शाम सुर गंगा कार्निवल के अंतर्गत आयोजित देशभक्ति नाइट्स में मुख्य समारोह स्थल भैसासुर घाट पर लता मंगेशकर का सुप्रसिद्ध गाना ‘ ऐ मेरे वतन के लोगों ‘ का गायन करेंगी।

 

बी म्यूज करना चाहती है मोनिका
मोनिका के पिता बृजनाथ भारद्वाज ने बताया कि मोनिका ने साल 2015 में ईन्टर की परीक्षा पास की है। इस बार उसने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से बी म्यूज के इंट्रेंस का फ़ार्म भरा है। वो आगे चलकर काशी के संगीत को दुनिया भर में फैलाना चाहती है।

 

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