बनारस। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को पिछले तीन साल से क्योटो बनाने का सपना दिखाया जा रहा है। और तो और अब तो ये शहर स्‍मार्ट सि‍टी लि‍स्‍ट में भी शामि‍ल हो गया है। लेकि‍न फि‍र भी एक बरसात ही इस पूरे सपने को धो देने के लि‍ए काफी है। बीती रात शहर में हुई मूसलाधार बरसात के बाद तो पूरा शहर तालाब में बदल गया।

तेज बारिश से तालाब बना शहर


तेज बारिश से तालाब बना शहर

वाराणसी में वाटर लागिंग कोई नयी बात नहीं है। इस शहर के लोग सालों से इसके आदि हैं क्योंकि हर साल या यूं कहे कि बिन मौसम बरसात के बाद भी शहर की मुख्य सड़के तालाब में तब्दील हो जाती हैं। बीती रात से शुरू हुई बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। यह भी बता दें कि‍ नगर निगम में पिछले हफ्ते गड्ढे को पटवाने पर लाखों रूपये खर्च किये गये थे।



एक बारिश ने फिर उन लाखों रूपये के खर्च को रेत की तरह बहाकर रख दि‍या है। मां गंगा के कि‍नारे बसे शहर में बीती रात हुई बारि‍श के बाद नजारा कुछ इस ऐसा है मानो जैसे सड़क पर ही नदि‍यां बह रही हों। पीएम के संसदीय क्षेत्र में ऐसा हाल देखकर लोग भी बेहद व्‍यथि‍त हैं।

प्रमुख मार्गों पर लगा पानी
शहर की कोई भी ऐसी महत्पूर्ण सड़क, बाजार, स्टेशन, कालोनी नहीं बची है जहां बरसात के बाद जलभराव ना हुआ हो। हर तरफ सड़क पर दो से तीन फीट पानी बड़े आराम से देखा जा सकता है। खास बात ये है कि बारिश बंद होने के दो घंटे बाद तक सड़क पर पानी लगा रहा। लोग इस पानी में गिरते पड़ते अपनी मंजि‍ल तक जाने को मजबूर दि‍खे।

बता दें कि‍ काशी पर्यटन की नगरी है। धार्मि‍क के साथ साथ यहां वि‍देशी टूरि‍स्‍ट भी अधि‍क संख्‍या में आते हैं। वहीं सावन माह होने के कारण बाहर से आये सैलानि‍यों की संख्‍या भी दूनी है। मगर शहर का ऐसा बुरा हाल देखकर हर कोई हैरान है।



गोदौलिया, गिरजाघर, लक्सा, नई सड़क, बेनियाबाग, नीचीबाग, तेलियाबाग, अंधरापूल, चौकाघाट, मैदागिन, कैंट रेलवे स्टेशन के सामने भी जल जमाव बना हुआ है। ऐसे तमाम इलाके है जहां कि सड़के तालाब में तब्दील हो गयी हैं और दुकानों के अंदर दो-दो फीट पानी घुस चुका है। यही नहीं सबसे बुरी स्‍थि‍ति तो तब उत्‍पन्‍न हो रही है जब बरसाती पानी की वजह से ओवर फ्लो हो रहे सीवर का पानी भी लोगों के घरों में घुस रहा है। सड़कों पर भी सीवर के पानी में डूबकर ही लोगों को आना जाना पड़ रहा है।

गंदे पानी में चलने को मजबूर कांवरिया



आलम यह है कि‍ वाराणसी की जनता शहर की इस दुर्गती के लि‍ए जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारियों, मेयर और क्योटो बनाने का सपना दि‍खाने वाले नेताओं को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम ने सीवर साफ करने का ठेका देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है अब ठेकेदार सीवर साफ करे या ना करे उसकी बला से।

कल सावन का चौथा सोमवार है, लिहाजा लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने के लिए काशी पहुंचेंगे। ऐसे में अचानक हुई बारिश के बाद शहर का हाल कि‍सी नर्क से कम नहीं है। और तो श्रद्धालु भी गंदे मेनहोल और सीवर के बदबूदार पानी से होकर गुजरने को वि‍वश होंगे। इस बीच शहर के कई हि‍स्‍सों में लोग पानी भरी सड़कों पर गि‍रते-पड़ते भी नजर आए।
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