बनारस। वास्तव में यह एक अविस्मरणीय क्षण होता है, जब जिले का कलेक्टर बच्चों को पढ़ाने के लिए पहुंचते हैं और छात्रों को शिक्षा का सही मतलब समझाते हैं। वाराणसी के जिलाधिकारी भी लगातार दसवें सप्ताह अपने गोद लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय, अर्दली बाजार की कक्षाओं में समय से उपस्थित हुए । सही मायने में यह उन अध्यापकों के लिए सीख भी है कि जब जिले का मुखिया कलेक्टर अपनी क्लास में बिना किसी अवकाश के अति व्यस्तता होने के बावजूद भी अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए उपस्थित हो सकता है तो सभी अध्यापक अपने-अपने स्कूलों में नियमित रुप से उपस्थित क्यों नहीं हो सकते।

छात्रा को कहा वेरी गुड
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा शनिवार को अपने गोद लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय अर्दली बाजार में सुबह 9 बजकर 30 मिंट पर पहुंच गए और कक्षा 6 की छात्र-छात्राओं को संस्कृत का पाठ पढ़ाया। उन्होंने संस्कृत के संधि का अभ्यास कराने के पश्चात छात्रा पूजा से ब्लैक बोर्ड पर सवाल का जवाब दिखाया और पूजा के सही सही जवाब लिखने पर जिलाधिकारी ने वेरी गुड कह कर उसका हौसला बढ़ाया।

टीचर्स डे के सम्मान के लिए दिया रिटर्न गिफ्ट
इतना ही नहीं जिलाधिकारी आज अपने साथ बच्चों को रिटर्न गिफ्ट लेकर भी गए थे लगभग 100 रिटर्न गिफ्ट में पेंसिल रबड़ कलम के साथ-साथ चॉकलेट भी मौजूद रहा। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को अपने हाथों गिफ्ट दिया और गिफ्ट पाते ही बच्चों के चेहरे खुशियों से भर गए। ज्ञातव्य हो कि टीचर्स डे के मौके पर जब जिलाधिकारी अपने इस गोद लिए विद्यालय में अचानक बच्चों के बीच पहुंचे तो बच्चों ने उन्हें चॉकलेट देकर टीचर्स डे की गिफ्ट दिया था आज जिलाधिकारी ने भी बच्चों को रिटर्न गिफ्ट दिया। जिससे बच्चों के खुशी का ठिकाना न रहा।

कलेक्टर को कहा गुडमॉर्निंग सर जी

बिना किसी अवकाश के जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र लगातार 10 सप्ताह यानी लगभग ढाई माह से नियमित रूप से हर शनिवार को अर्दली बाजार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जाकर बच्चों की क्लास लेते हैं और बच्चों को भी अपने कलेक्टर टीचर का इंतजार रहता है। क्लास में जैसे ही जिलाधिकारी ने आज प्रवेश किया सभी छात्र छात्राओं ने उनका खड़े होकर गुड मॉर्निंग सर जी से अभिवादन किया।

गोद लेने से पहले स्थिति थी खराब
ज्ञातव्य हो कि जिलाधिकारी ने जब इस विद्यालय को गोद लिया था। उस समय विद्यालय की अत्यंत खराब स्थिति रही और विद्यालय के प्राथमिक विद्यालय में 9 और पूर्व माध्यमिक विद्यालय मात्र 44 नाम मात्र के ही छात्र-छात्राएं पंजीकृत रहे। किंतु जिलाधिकारी ने जबसे इस विद्यालय को गोद लिया और नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाने विद्यालय जाने लगे, तब से पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगभग 36 बच्चे नए पंजीकृत हुए इससे यह स्पष्ट होता है कि जिलाधिकारी द्वारा गोद लिए जाने के बाद अभिभावकों एवं छात्र छात्राओं का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास बढ़ा है।

अपने वेतन से बदली स्कूल की सूरत
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने अबतक विद्यालय को अपने वेतन से पांच पंखा गिफ्ट कर चुके हैं और उन्होंने बताया कि जल्द ही विद्यालय के जर्जर सड़क का भी मरम्मत करा दिया जाएगा। बातचीत के दौरान विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा पूजा सहित अनेक छात्र छात्राओं ने अपने जिलाधिकारी टीचर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह भी हर सप्ताह शनिवार को अपने कलेक्टर टीचर को आने की इंतजार करती हैं क्योंकि उनसे पढ़कर उनका हौसला सातवें आसमान पर पहुंच जाता है।
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