बनारस। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब वाराणसी के सांसद बने तो सभी के दिल में यह उम्मीद जाग गयी थी की आने वाले समय में बनारस का सर्वंगीण विकास होगा पर कुछ लोगों की वजह से विकास का अंश अभी भी शहर के कुछ इलाकों में नहीं पहुंचा है।  उन्ही में से एक है वाराणसी के नगर निगम वार्ड नंबर 27 मवईया के नान्हुपुर इलाके का।  जहां पिछले 20 साल से पेयजल एक विकराल समस्या है पर आज तक उसका कोई समाधान नहीं हुआ है।  गृहणियां आज भी एक किलोमीटर दूर एक कारखाने के समर्सेबल से रोज़ पानी लाकर अपने घर का कार्य करती हैं।  पेश है एक ख़ास रिपोर्ट।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी का सांसद बनने के बाद हम सब के दिल में आस जगी थी की अब हमें भी पेयजल हमारी बस्ती में मिलेगा पर ऐसा नही हुआ और हमें पैदल जाकर कारखाने से बाल्टी भरकर पानी लाना होता है।  उक्त बातें नान्हुपुर की रहने वाली तारा देवी ने कही।  उन्होंने कहा कि हमने कई बार यहां के पार्षद प्रतिनिधि सुजीत मौर्या से अपनी परेशानी बताई तो उन्होंने दो सरकारी हैण्डपम्प लगवाये पर वो भी कई सालों से बेकार पड़े हैं।

क्षेत्रीय निवासी पुष्पा गुप्ता ने बताया कि हम जब पार्षद के पास अपनी परेशानी लेकर जाते हैं तो वो कहते हैं कि उनके पास जाओ जिन्हें विधानसभा में वोट दिया है।  यह क्षेत्र शहर उत्तरी विधानसभा में है। जहां से भाजपा के ही विद्यायक रविन्द्र जायसवाल इस वर्ष दुबारा जीते हैं पर वो भी सिर्फ आश्वासन देते हैं कि आज होगा कल होगा।  लेकिन पिछले 20 सालों से हमें एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में महिलाओं की यह दुर्दशा सिस्टम के नाकारेपन का खुलासा करता है। जहां प्रधानमंत्री शाहर को क्योटो जैसा करने का सपना देख रहे वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि क्योटो के सपने को धूमिल करने में लगे हैं।

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