बनारस। दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक बुराई बाल यौन दुराचार और ह्त्या के विरुद्ध 11 सितम्बर को 2014 के नोबल पुरूस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा कन्याकुमारी से शुरू की गयी भारत यात्रा बिना कैलाश सत्यार्थी के वाराणसी पहुंची। यह यात्रा कचहरी स्थित आंबेडकर पार्क से होते हुए मलदहिया स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा तक गयी। यह यात्रा वाराणसी से इलाहबाद के लिए निकल चुकी है। इस यात्रा में अम्बेडकर पार्क से राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा भी शामिल हुईं।

यात्रा में शामिल यात्री गोविन्द ने बताया कि कैलाश सत्यार्थी जी ने समाज की सबसे बड़ी बुराई बाल अत्याचार और यौन शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए यह भारत यात्रा कन्याकुमारी से शुरू की गयी है जो देश के 22 राज्यों से होते हुए 11 हज़ार किलोमीटर का सफर तय करके दिल्ली में समाप्त होगी। जिसमे अभी तक का सबसे ज़्यादा युवा समुदाय इस कुरुति के खिलाफ फिज़िकली तौर पर जुड़ चुका है।

 

गोविन्द ने बताया कि एक ही दिन दो यात्राएं शुरू हुई थी जिसमे से एक कन्याकुमारी से और एक गुवाहाटी से यह यात्रा 11 सितम्बर को गुवाहाटी से चलकर बिहार होते हुए बलिया के रस्ते उत्तर प्रदेश पहुंची है। वाराणसी से इलाहाबाद होते हुए यह यात्रा जयपुर जाएगी वहां से फिर दिल्ली पहुंचेगी।

नोबल पुरूस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी तबियत सही न होने की वजह से वाराणसी पहुंची यात्रा में शामिल नहीं हो सके। इस यात्रा में शामिल युवाओं का जोश देखते बनता था।

 

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