NCW को वाराणसी पुलिस ने नहीं भेजी बीएचयू लाठीचार्ज की रिपोर्ट : रेखा शर्मा

NCW को वाराणसी पुलिस ने नहीं भेजी बीएचयू लाठीचार्ज की रिपोर्ट : रेखा शर्मा

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बनारस। पूरे देश में छात्राओं पर लाठीचार्ज की बात हो रही पर हमें जो रिपोर्ट प्रशासन की तरफ से भेजी गयी उसमे लाठी चार्ज का ज़िक्र नहीं है। उसके अलावा आखिर इस पूरे प्रकरण की सच्चाई क्या है उसे जानने के लिए हमारी तीन सदसीय टीम यहां पहुंची है। उक्त बातें राष्ट्रिय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बीएचयू के एलडी गेस्ट हॉउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि हम यहां की घटना कि सच्चाई जानने आये हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्राओं को छेड़खानी के डर से गेटअप चेंज करने की आवश्यकता नहीं।

सच्चाई लाना मुख्य उद्देश्य
काशी हिन्दू विश्वविध्यालय में 21 से लेकर 23 सितम्बर की देर रात तक जो घटना क्रम हुआ उससे पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा और इज्ज़त पर सवाल उठे। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और उनके हक़ के बारे में बात करने वाली राष्ट्रिय महिला आयोग ने इस प्रकरण में स्वतः संज्ञान लेते हुए। काशी हिन्दू विश्वविध्यालय की जांच के लिए एक टीम गठित की जो बुधवार देर शाम वाराणसी पहुंची। राष्ट्रिय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा के नेतृत्व में तीन सदसीय जांच कमेटी आज बीएचयू में है। जिसमे इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता प्रियंका मेधा और हमारे आयोग की लीगल एक्सपर्ट गीता राठी इस जांच कमिटी का हिस्सा हैं । जहां वो पीड़ित छात्राओं से मुलाकात कर उनका पक्ष जानेगी और विश्वविध्यालय प्रशासन से भी मिलेंगी।

छात्राओं ने मिलकर बताई समस्या
राष्ट्रिय महिला आयोग की राष्ट्रिय कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि हमारे पास दिल्ली में कुछ छात्राएं मिलने आई थी। उनकी समस्या थी जो पुलिस ने कार्रवाई की उसके अगेंस्ट और जो सेक्सुअल हरेस्मेंट का केस हुआ उसकी जांच के लिए हम यहां आये हैं। जो जो भी शिकायतें आई है उसपर हम जांच कर उस जांच रिपोर्ट को हम एचआरडी मिनिस्टरी और प्रदेश की सरकार को भी भेजेंगे। ताकि इस पूरे मामले में सच और झूट क्या है वो साफ़ हो जाए। अगर किसी भी तरफ से कोताही बरती गयी है तो कार्रवाई होगी।

पुलिस ने नहीं भेजी लाठी चार्ज की रिपोर्ट
पुलिस ने हमने जो मंगवाई थी रिपोर्ट उसमे पुलिस ने लाठीचार्ज की बात नहीं कही है। इसके लिए मै एसएसपी से मिलूंगी की छात्राओं पर लाठीचार्ज क्यों किया गया। कुछ दस लोगों के ऊपर जो ऍफ़आईआर में जैसे सेक्शन क्यों लगाये गये हैं। मैंने अभी देखा नही है कली ऍफ़आईआर क्या है। मै उसे देखूंगी अगर हो सकेगा तो उसे यहां से जाने के पहले मै ख़त्म करवाकर जाऊंगी।

कुलपति को आना चाहिए जांच के सहयोग के लिए
इस मामले की जांच करने के लिए मै छात्राओं से मिलूंगी, विश्वविध्यालय प्रशासन से भी बात करुँगी और कुलपति से भी पर पता चला है कि कुलपति अभी छुट्टी पर चले गये हैं। हम प्राक्टर से कहेंगे की अगर हो सके तो वीसी आकर हमें जांच के लिए ज्वाइन करें ताकि वो अपना पक्ष रख सकें। अगर नहीं आ पाते हैं तो हम उन्हें आयोग में बुलाकर बात करेंगे। उन्हें आना ही चाहिए अपना पक्ष रखने और जांच में सहायता करने के लिए।

हॉस्टल में मिलेंगी पीडीता से
मैंने हर तरह के लोगों को मैसेज किया है और समाचार पत्रों में भी कहा है की जो भी चाहे वो आकर हमसे मिल सकता है और प्राक्टर को कह दिया गया है कि जो भी आये उसे आने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हम हास्टल में जाकर छात्राओं से बात करूंगी।

छेड़खानी करने वाले को गेटअप चेंज करने की ज़रुरत
एनसीडब्लू की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि हम उस छात्रा से भी मिलेंग जिसके साथ छेड़खानी हुई साथी उस छात्रा से भी जिसने छेड़खानी से भयभीत होकर अपना गेटअप चेंज करते हुए मुंडन करवाया है। चेद्खाने की शिकार छात्रा को नहीं बल्कि छेड़खानी करने वाले को गेटअप चेंज करने की आवश्यकता होनी चाहिए।

 

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