बनारस। साल 2014 में लाल ग्रह मंगल के वायुमंडल में भारत का परचम लहराने वाले साइंटि‍स्‍ट और इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ के राधाकृष्‍णन मंगलवार को धर्म नगरी काशी में होंगे। भारत के अग्रणी वैज्ञानि‍कों में शुमार राधकृष्‍णन यहां काशी वि‍द्यापीठ में आयोजि‍त 39वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्‍य अति‍थि‍ पधार रहे हैं।

 

तकरीबन एक लाख छात्र-छात्राओं को बांटी जाएगी डि‍ग्री
पद्मभूषण डॉ के राधाकृष्‍णन के साथ महात्‍मा गांधी काशी वि‍द्यापीठ के कुलाधि‍पति‍ और प्रदेश के राज्‍यपाल राम नाईक भी मोजूद रहेंगे। इस दौरान 99, 893 छात्र-छात्राओं को उपाधि‍यां वि‍तरि‍त की जाएंगी। सोमवार को कार्यक्रम की जानकारी देते हुए वि‍द्यापीठ के कुलपति‍ डॉ पृथ्‍वीश नाग ने बताया कि‍ इस बार उपाधी प्राप्‍त करने में छात्रों (42,575) की तुलना में छात्राओं की संख्‍या (57,318) ज्‍यादा है।


यहां भी बेटि‍यां ही हैं सबसे आगे

कुलपति‍ के अनुसार कुल 58 मेधावियों को 59 गोल्‍ड मेडल प्रदान कि‍ये जाएंगे। इनमें भी बेटि‍यों ने बाजी मारी है। 40 छात्राओं को स्‍वर्ण पदक से नवाजा जाएगा। यही नहीं मास्‍टर ऑफ बि‍जनेस एडमि‍नि‍स्‍ट्रेशन (एमबीए) की छात्रा शिवानी जायसवाल को सबसे ज्‍यादा अंक प्राप्‍त करने पर युनि‍वर्सि‍टी की ओर से डॉ.विभूति नारायण सिंह स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान कि‍या जाएगा।


नेचुरोपैथी केंद्र का होगा उद्घाटन

इस दौरान राज्‍यपाल और वि‍श्‍ववि‍द्याल के कुलाधि‍पति‍ राम नाईक योग और नेचुरोपैथी केंद्र का उद्घाटन करेंगे। साथ ही गांधी स्मृति कक्ष के जीर्णोद्धार और महिला छात्रावास में आगंतुक कक्ष का भी शुभारंभ करेंगे। कुलपति ने बताया कि महिला छात्रावास में अपरिहार्य परिस्थति में महिला अभिभावकों को रूकने के लिए अलग से कक्ष बनाया जा रहा है।


सोमवार को हुआ रि‍हर्सल

वहीं कार्यक्रम से एक दि‍न पहले सोमवार को दीक्षांत मंडप में रिहर्सल किया गया। इस दौरान टॉप-टेन छात्र-छात्राओं को उपाधियां बांटी गई। भूमि पूजन भी हुआ साथ ही तैयारियों का जायजा लिया गया।


इन महान वि‍भूति‍यों ने दि‍या है दीक्षांत भाषण

बता दें कि‍ इस बार देश के प्रख्‍यात वैज्ञानि‍क और भारत के ‘मंगलयान’ प्रोजेक्‍ट के सर्वेसर्वा रहे डॉ के राधाकृष्‍णन है, जबकि‍ इससे पूर्व हुए दीक्षांत समारोह में देश की नामी वि‍भूति‍यों ने यहां दीक्षांत भाषण दि‍या है। इनमें राष्‍ट्रपि‍ता महात्मा गांधी, पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, पुरूषोत्तम दास टंडन, सी.राजगोपालाचारी, डॉ.सम्पूर्णानंद, लाल बहादुर शास्त्री, जयप्रकाश नारायण, वीवी गिरी, काका कालेकर, इंदिरा गांधी, जगजीवन रांम, प्रो.यशपाल, भैरोसिंह शेखावत, अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ.कस्तूरी रंगन सहि‍त तमाम हस्‍ति‍यां शामि‍ल हैं।

सुबह साढ़े 10 के बाद नो इंट्री

कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए प्रॉक्‍टर प्रो शंभू उपाध्‍याय ने बताया है कि‍ सुबह 10.30 के बाद कार्यक्रम स्‍थल यानी दीक्षांत मंडप में प्रवेश नहीं दि‍या जाएगा। समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण कार्ड होना जरूरी है।
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