वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने बूट पालिश कर मांगा अपना रुका हुआ वेतन 

वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने बूट पालिश कर मांगा अपना रुका हुआ वेतन 

बनारस। डॉ सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में पिछले सात दिनों से वेतन की मांग को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने शुक्रवार को कुलपति प्रोफ़ेसर यदुनाथ प्रसाद के आवास के सामने जूता पालिश कर अपना विरोध दर्ज कराया और त्यौहार से पहले वेतन देने की मांग की।  इस जूता पालिश के अनोखे विरोध में सैंकड़ों कर्मचारियों ने सहयोग किया।  विरोध के दौरान वहां पहुंचे कुलसचिव की चप्पल भी कर्मचारियों ने पालिश करने की कोशिश की पर उन्होंने अपनी चप्पल उन्हें पालिश के लिए नहीं दी।

 

शुक्रवार को डॉ सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति आवास के बाहर कई लोग जूते पर पालिश करते दिखाई दिए।  ये जूते पर पालिश करने वाले नहीं बल्कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी हैं जो पिछले कई दिनों से अपने वेतन के लिए विश्वविद्यालय प्रांगण में धरनरत्त है। दशहरे पर वेतन न मिलने के बाद अब दिवाली के निकट आने पर भी उन्हें वेतन मिलता नहीं दिखाई दे रहा है इसलिए उन्होंने आज यह क़दम उठाया।


इस संबंध में जूता पालिश कर रहे कर्मचारी संघ के सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि हमें दशहरे के वक़्त से वेतन नहीं मिला है।  हमने उस समय कुलपति जी से कहा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया अब दिवाली भी करीब है।  त्यौहार पर वेतन न मिलने से हमारे साथ संविदा कर्मी भी परेशान है।  जिनका वेतन महज़ 6 हज़ार है। कुलपति जी को सैलेरी समय पर मिल रहे है और आने वाले समय में वो चले भी जायेंगे पर उनकी हठधर्मिता की वजह से हम कर्मचारियों का त्यौहार सूना बीत रहा है।

त्यौहार पर खुशियों के लिए आज हम लोगों ने कुलपति आवास के बाहर राहगीरों का जूता पालिश कर पैसा इकट्ठा किया है ताकि हम त्यौहार मना सकें। वहीं विश्वविद्यालय प्रांगण में धरनरत्त छात्रों ने अपनी मांगों के लिए छात्रों ने बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया ताकि कुलपति को बुद्धि आये और वो उनकी मांगे पूरी कर सकें।

 

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