डिजिटल डिज़ाइनिंग के प्रशिक्षण से वाराणसी की महिलाएं बन रहीं हैं स्वावलम्बी 

डिजिटल डिज़ाइनिंग के प्रशिक्षण से वाराणसी की महिलाएं बन रहीं हैं स्वावलम्बी 

वाराणसी।  प्रधानमन्त्री के संसदीय क्षेत्र में बेटियों के सम्मान व हुनर को ग्लोबल स्तर पर एक पहचान देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, के सहयोग एवं साईं इंस्टीट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट वाराणसी द्वारा डिजिटल के माध्यम से महिलाओं के हुनर को तराश कर तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने एवं उनके आर्थिक स्तिथि को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से आई.सी.टी. आधारित   प्लेटफोर्म  “हुनर –ए -बनारस” कार्यक्रम के अंतर्गत आजीविका उन्नयन में सूचना “आजीविका उन्नयन में सूचना प्रोद्योगिकी का योगदान (Role of ICT in Livelihood Upgradation)”  विषयक सेमिनार एवं डिजिटल डिजाइनिंग लैब का शुभारम्भ बादशाहबाग कालोनी, में किया गया |

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  मुख्य अतिथि  नितेश धवन, सहायक आयुक्त (हैण्डलूम एवं वस्त्रोद्योग), उत्तर प्रदेश शासन, वाराणसी  ने कहा कि बुनकारी पेशे में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है | संस्थान महिलाओं को डिजिटल डिजाइनिंग की प्रशिक्षण प्रदान कर स्वावलंबी बनाने का उत्कृष्ट कार्य कर रही है | जो महिलाएं यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगीं उनको डिजाइन बनाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं होगा बल्कि संस्थान द्वारा स्थापित डिजाइन लैब में अपना डिजाइन डेवलप कर सकती है | साथ ही ई –पोर्टल के जरिए उनकी मार्केटिंग भी कर सकती हैं |

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बनारस की प्रतिष्ठित महिला डॉ रितु गर्ग ने कहा कि कि “चिक कैड”  साफ्टवेयर डिजाइनिंग के क्षेत्र में महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है| इससे महिलाये घर बैठे अपनी खुद कि बनाई डिजाइनिंग को इंटरनेशनल मार्केट में बेच सकती है | जो बनारसी साड़ी के भविष्य के बहुत ही अच्छा है|

 

साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि डिजिटल डिजाइनिंग का यह प्रशिक्षण पूर्णत: नि:शुल्क है| आई० टी० के माध्यम से बुनकरी एवं जरी-जरदोजी के क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के कौशल विकास एवं स्वावलंबन के लिए यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है | यह इस तरह का उ. प्र. का पहला केंद्र है जहाँ आई. सी. टी. के प्रयोग द्वारा न सिर्फ डिजाइनिंग बल्कि कंप्यूटर का भी प्रशिक्षण दिया जाता है और साथ ही और मल्टी मीडिया के माध्यम से स्वाथ्य का जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है |

 

हुनर-ए-बनारस की निदेशिका सपना सिन्हा ने बताया कि पहले डिजाइनिंग का जो काम लोग हाथ द्वारा करते थे वही अब एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर“चिक कैड” (CHIC CAD) से  डिजाइनिंग का कार्य चन्द  मिनटों में कर लेती है | जिसका निर्माण मीडिया लैब एशिया, इलेक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार, के द्वारा किया गया है | उक्त साफ्टवेयर का सफल प्रयोग चंदेरी (मध्य प्रदेश) में चंदेरी साडी डिजाइनिंग में किया जा चुका है।

 

इसके पूर्व कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया | कार्यक्रम में कुल 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया | कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक संदीप मौर्या, ईडीपी कोआर्डी नेट्रर एम एस फरीदी, हेल्थ ट्रेनर दीक्षा सिंह, हुनर –ए-बनारस की ट्रेनर स्वाति श्रीवास्तव, शबीना बानो सहित अन्य कई लडकिया उपस्थित रही| कार्यक्रम का संचालन सपना सिन्हा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संदीप मौर्या ने किया |

 

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