बनारस। कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर वाराणसी के घाटों पर आस्था और श्रद्धा  का अभूतपूर्व नज़ारा नज़र आया भोर से ही श्रद्धालु काशी के पावन घाटों पर घाटों पर गंगा स्नान के लिए पहुच गए हैं  ! कार्तिक मास्  की पूर्णिमा को गंगा स्नान  का विशेष महत्व है।  बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा के किनारे आस्था का जन सैलाब नज़र आया। सूर्य की पहली किरण के साथ हर कोईं माँ गंगा में डुबकी लगा कर पुण्य कमाना चाहता है। धार्मिक मान्यताओं  के अनुसार आज का दिन विशेष फल दायक है आज के दिन जो भी भक्त सच्चे मन  और विशवास के  साथ माँ गंगा का स्नान करते हैं उनकी सभी मनोकामनाये ज़रूर पूरी होती है ! 

 

 

इस कार्तिक पूर्णिमा के स्नान के महत्व के बारे में बताते हुए घाट पुरोहित रमा शंकर पाण्डेय ने बताया कि पर्वों की नगरी वाराणसी में हर त्यौहार का एक विशिष्ठ  महत्व हैं, और स्कन्द पुराण की मानें तो आज के दिन स्वर्ग से देवतागण पृथ्वी पर आतें हैं इसलिए भोले नाथ की नगरी में माँ गंगा में स्नान और पूजन करने से शिव के संग भगवान् विष्णु भी प्रसन्न होतें हैं ,और भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ती होती है।  भक्तों की भरी भीड़ इस विश्वास के साथ ही यहाँ आई है !पूरे कार्तिक मास को ही देवताओं को समर्पित किया गया है लेकिन इस माह में भी सबसे फलदायक तिथि कार्तिक पूर्णिमा की है क्योकि आज के ही दिन 33  करोड़  देवी देवता इस धरा पर प्रकट होते हैं ! 
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