बनारस। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी में मेयर पद के लि‍ए होने वाले चुनाव में प्रमुख वि‍पक्षी दल कांग्रेस ने मास्‍टर स्‍ट्रोक खेल दि‍या है। पिछड़ा वर्ग महि‍ला के लि‍ए आरक्षि‍त वाराणसी नगर नि‍गम मेयर की सीट पर कांग्रेस ने शनि‍वार को उम्‍मीदवार का एलान कर दि‍या है।

मजबूत राजनीति‍क वि‍रासत
पार्टी की ओर से कद्दावर कांग्रेसी और कभी राज्‍यसभा के उपसभापति‍ तथा केंद्रीय मंत्री रहे दि‍वंगत नेता श्‍यामलाल यादव की पुत्रवधु शालि‍नी यादव को टि‍कट दि‍या गया है। बनारस के पुराने खांटी कांग्रेसी घराने की पुत्रवधू का नाम सामने आने के बाद वि‍रोधी खेमे में हलचल मचना स्‍वाभावि‍क है।

चुनौतीपूर्ण हुआ बनारस का मुकाबला

बनारस के सि‍यासी जानकारों की मानें तो मजबूत सि‍यासी वि‍रासत वाले यादव परि‍वार की पुत्रवधू पर दाव लगाकर कांग्रेस ने मेयर पद पर मुकाबले को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दि‍या है। कांग्रेस पार्टी ने ना सि‍र्फ अपने सहयोगी समाजवादी पार्टी के जाति‍गत समीकरणों में सेंधमारी कर दी है बल्‍कि‍ अंदरूनी गुटबाजी करने वाले काशी के पुराने खांटी कांग्रेसि‍यों को भी एक मंच पर लाने का बहाना दे दि‍या है।

कौन हैं श्‍यामलाल यादव

वाराणसी की नई पीढ़ी भले ही कांग्रेस के खांटी तथा कद्दावर नेता श्‍यामलाल यादव के बारे में नहीं जानती लेकि‍न शहर के पुरनि‍यों की मानें तो आजाद भारत में हुए दूसरे वि‍धानसभा चुनाव में श्‍यामलाल यादव सन 57 में मुगलसराय वि‍धानसभा से वि‍धायक चुने गये थे। तब मुगलसराय वाराणसी जि‍ले का ही अंग था।

1952 से शुरू की राजनीति‍

श्‍यामलाल यादव वर्ष 1952 से ही राजनीति‍ से जुड़ गये थे। बीच में उन्‍होंने भारतीय क्रांति‍ दल का दामन थामा लेकि‍न इंदि‍रा गांधी के जमाने में एक बार फि‍र उन्‍होंने कांग्रेस में वापसी की और 1970 से 1988 तक लगातार तीन बार राज्‍यसभा के सदस्‍य रहे। इस दौरान वर्ष 1982 में वह राज्‍यसभा के उपसभापति‍ भी नि‍युक्‍त कि‍ये गये।

वाराणसी के सांसद भी रहे

इतना ही नहीं वर्ष 1984 में हुए आठवें लोकसभा चुनाव में श्‍यामलाल यादव ने वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा और वि‍जयी होकर नि‍चले सदन में बनारस का प्रति‍नि‍धि‍त्‍व कि‍या। इस दौरान 1986 में उन्‍हें देश का कृषि‍ मंत्री बनाया गया। साल 2005 में श्‍यामलाल यादव का नि‍धन हो गया।

बेटे अरुण भी खांटी कांग्रेसी

फि‍लहाल श्‍यामलाल यादव के पुत्र अरुण यादव भी सक्रि‍य रूप से कांग्रेस में जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस पि‍छड़ा वि‍भाग के अध्‍यक्ष हैं। अब कांग्रेस पार्टी ने अरुण यादव की धर्मपत्‍नी शालि‍नी यादव को वाराणसी से मेयर पद के लि‍ए टि‍कट दि‍या है।

बीएचयू स्‍टूडेंट रही हैं शालि‍नी

बताया गया कि‍ शालि‍नी यादव के पि‍ता मूलत: गाजीपुर के नि‍वासी हैं, वह सिंचाई वि‍भाग में इंजीनि‍यर पद से रि‍टायर हुए। वहीं शालि‍नी यादव बनारस हि‍न्‍दू यूनि‍वर्सि‍टी की छात्रा रही हैं। उन्‍होंने यहां से एमए की डि‍ग्री लेने के बाद फैशन डि‍जायनिंग में डि‍प्‍लोमा कि‍या है। शालि‍नी यादव वाराणसी में नि‍ष्‍पक्ष भारत दूत अखबार में संपादक हैं।

मोहले पर साधा नि‍शाना

मेयर पद के लि‍ए कांग्रेस प्रत्‍याशी बनते ही शालि‍नी यादव ने वाराणसी के एक प्रति‍ष्‍ठि‍त मीडि‍या संस्‍थान से वि‍शेष बातचीत की। उन्‍होंने वर्तमान मेयर राम गोपाल मोहले पर नि‍शाना साधते हुए उनसे उनके कार्यकाल का श्‍वेतपत्र जारी करने की मांग की। शालि‍नी यादव ने कहा कि‍ पि‍छले 22 सालों से वाराणसी में आधारभूत संरचना को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ है। कांग्रेस उम्‍मीदवार ने यह भी कहा कि‍ काशी को क्‍योटो नहीं चाहि‍ए बल्‍कि‍ बनारस के लोगों की बेसि‍क नीड्स पूरी होनी चाहि‍ए।

कांग्रेस प्रत्‍याशी ने कहा कि‍ जनता का मनमि‍जाज बदल रहा है, जि‍सका परि‍णाम इस चुनाव में देखने को मि‍लेगा।
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