बनारस। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी में नगर नि‍गम का चुनाव बेहद रोचक बन चला है। पि‍छड़ा वर्ग महि‍ला उम्‍मीदवार के लि‍ए आरक्षि‍त हुई इस सीट पर अब टीवी सीरि‍यल सा मजा आने लगा है। जी हां, वाराणसी की प्रथम नागरि‍क बनने के लि‍ए अब दो प्रमुख पार्टि‍यों की बहुरानि‍यां आमने-सामने आ गई हैं।

 

शनि‍वार को नहला, रवि‍वार को दहला
शनि‍वार को ही कांग्रेस ने जहां कद्दावर नेता स्‍व. श्‍यामलाल यादव की पुत्रवधु शालि‍नी यादव को टि‍कट देकर मास्‍टर स्‍ट्रोक खेला था तो रवि‍वार होते-होते भारतीय जनता पार्टी ने भी नहले पर दहला मार दि‍या है। बीजेपी ने वाराणसी से तीन बार सांसद रह चुके स्‍व. शंकर प्रसाद जायसवाल की पुत्रवधु मृदुला जायसवाल को रणभूमि‍ में उतार दि‍या है।


मृदुला की हि‍न्‍दूवादी छवि‍

कांग्रेस और बीजेपी की महि‍ला उम्‍मीदवारों की फौरी तौर पर तुलना करें तो क्रमश: शालि‍नी यादव को राजनीति‍क अनुभव ना के बराबर है वहीं मृदुला जायसवाल वि‍श्‍व हि‍न्‍दू परि‍षद् और राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की महि‍ला विंग दुर्गा वाहि‍नी में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।


वि‍रोधि‍यों में सम्‍मानि‍त रहे जायसवाल जी

पूर्व सांसद स्‍व. शंकर प्रसाद जायसवाल के बेटे राधाकृष्‍ण जायसवाल की पत्‍नी मृदुला जायसवाल ने एमएससी तक की शि‍क्षा प्राप्‍त की हुई है। बता दें कि‍ स्‍व. शंकर प्रसाद जायसवाल 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा में वाराणसी के सांसद रह चुके हैं। वाराणसी के सांसद के रूप में उन्‍हें काफी शोहरत हासि‍ल की थी। स्‍व. शंकर प्रसाद जायसवाल का सम्‍मान उनके वि‍रोधी भी करते रहे हैं। सांसद पद छोड़ने के बाद उन्‍होंने काफी समय तक राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के वनवासी कल्‍याण कार्यक्रमों में भी वक्‍त गुजारा।


एकता कपूर के टीवी सीरि‍यल जैसी चुनावी फि‍जा

फि‍लहाल मृदुला जायसवाल का ल्‍युब्रि‍क्रेंट एवं इंडस्‍ट्रीज़ ऑयल का पारि‍वारि‍क व्‍यवसाय है। हालांकि, काशी में मेयर पद के लि‍ए चुनाव में दो-दो कद्दावर नेताओं की बहुओं के उतरने के बाद काशी की राजनीति‍क फि‍जा एकता कपूर के कि‍सी सास-बहू के टीवी सीरि‍यल से कम रोचक नहीं है। बनारस की अड़ि‍यों चौराहों पर बहुओं की इस टक्‍कर की चर्चाएं जोरों पर हैं।

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