बनारस। मनरेगा और राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त के अंतर्गत कार्यों में लापारवाही बरतने और गबन के आरोप में जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा ने दो ग्राम विकास अधिकारी एक ग्राम पंचायत अधिकारी और 6 ग्राम प्रधानो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शासकीय योजनाओं में गबन के आरोप में इन अधिकारियों और ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई हुई है। इनपर मुक़दमे के साथ साथ इनसे गबन की गयी राशि की रिकवरी भी कार्ये जाने का आदेश दिया गया है। इस कार्रवाई से अधिकारियों और ग्राम प्रधानो में हडकंप मचा हुआ है।

वाराणसी जनपद के विकास खण्ड चोलापुर, ग्राम पंचायत ताला में राज्य वित्त एवं केन्द्रीय वित्त तथा मनरेगा के अन्तर्गत पिछले 5 वर्षो में प्राप्त धनराशि से कराये गये कार्यों के सम्बन्ध में भैया लाल राजभर एवं अन्य शिकायत कर्ता द्वारा दिये गये शिकायती पत्र के बाद डीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। जिसमे रिपोर्ट में शासकीय धनराशि और योंजनाओं में अनियमितता पाये जाने पर जिलाधिकारी ने ये कार्रवाई की है।

जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने पूर्व ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत ताला राम अवध यादव से  4,23,100/- रूपये तथा वर्तमान ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत ताला जय प्रकाश से  2,26,224/- रूपये एवं तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम ताला अनिल कुमार से  6,32,968/- रूपये तथा तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम ताला विजय चन्द्र विश्वकर्मा से  16,356/- रूपये की गबन की गयी धनराशि की वसूली करायी जाने का निर्देश देते हुए सभी के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत खण्ड विकास अधिकारी, चोलापुर द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराये जाने का भी निर्देश दिया।

इसके अलावा जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने पूर्व ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत कपरफोरवा अजय कन्नौजिया से  1,29,213/- रूपये तथा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी हरिहर सिंह से  1,29,213/- रूपये की धनराशि की वसूली पृथक-पृथक किये जाने के साथ ही उनके विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट सुसंगत धाराओं में दर्ज कराये जाने हेतु खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है। साथ ही हरिहर सिंह, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही किये जाने हेतु जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया है।

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