बनारस। वाराणसी में नगर निकाय चुनाव में हो रहे मतदान में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता हनक साफ तौर पर तब देखने को मिला जब बीजेपी की मेयर प्रत्याशी मृदुला जायसवाल ने आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई और प्रशासनिक अधिकारी चुपचाप बैठे तमाशा देखते रहे । मृदुला जायसवाल चौखम्भा स्थित अग्रसेन महाजनी इंटर कालेज के बूथ में कमल के फूल का दुपट्टा गले मे डाल कर अंदर गई और मतदान केन्द्रो में वोटिंग पड़ रहे कमरे में भी जा कर लोगो से हाथ जोड़ कर वोट मांगा। इसके बावजूद किसी भी अधिकारी ने उन्हें रोकने का साहस नही किया। मीडिया का कैमरा देख कर सुरक्षाकर्मियों ने उनसे दुपट्टा हटाने को कहा।

शहर के चौखंभा स्थित मतदान केंद्र पर मतदान का जायजा लेने पहुंची भाजपा की मेयर पद की प्रत्याशी मृदुला जायसवाल ने चुनाव आयोग के सभी आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई।  यहां पहुंची भाजपा की मेयर प्रत्याशी मृदुला जायसवाल अपने गले में भाजपा का चुनाव निशान  बना गमछा डालकर पहुंची और सीधे मतदान स्थल के अन्दर दाखिल हो गयी और वहां मतदान कर रहे लोगों से अपने हक़ में वोट करने की अपील के साथ साथ मतदान कर्मियों से उनका कुशल क्षेम भी पूछा।

 

इस दौरान मीडिया को देखकर जब पुलिस हरकत में आई और उनसे उक्त गमछा उतरने को कहा तो वो बिना उसे उतारे वहां से चलती बनी। इस मुद्दे पर सरकार के कानून राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि कोई प्रत्याशी अगर चुनाव चिन्ह लेकर मतदान केंद्र में जाता है तो अचार संहिता में आता है यदि किसी ने ऐसा किया है तो वो गलत है।  नीलकंठ तिवारी से जब बीजेपी प्रत्याशी के द्वारा ऐसा किए जाने के बारे में पूछा गया तो अपनी बातों से हटते हुए कहा कि कभी – कभी गलती हो जाती है  हो सकता है कि गलती से वह चली गई हो , यह कोई बड़ी बात नही , गलती हो जाती है|


 

चुनाव अपने अंतिम समय में पहुंच गया है अब देखना यह है कि आखिर चुनाव आयोग इस मामले को कब संज्ञान में लेता है और भाजपा  के मेयर प्रत्याशी पर कब आचार संहिता का मुकदमा दर्ज होता है।   

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