बनारस। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक दूल्हे को उस वक्त निराशा हाथ लगी जब वो अपने मत का प्रयोग करने अपने मतदान केंद्र पर पहुंचा। शादी में जाने से पहले उसने मतदान करने की ठानी लेकिन केंद्र पर जाकर पता चला कि वोटर लिस्ट में उसका नाम ही नहीं है। जिससे उसे काफी मायूसी का सामना करना पड़ा।

 

वार्ड नं 18 के वोटर मो आसिफ का आज निकाह मिर्जापुर में तय है।  उनकी बरात आज जानी थी, लेकिन वाराणसी में आज ही चुनाव होने के वजह से आसिफ ने मतदान का अपने सर्वप्रथम अधिकार मानते हुए बारात निकलने के बाद पहले मतदान करना उचित समझा और वो बारात के कुछ साथियों के साथ नदेसर स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करने पहुंचे पर वहां उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिला जिससे उन्हें निराशा हाथ लगी और उन्हें बिना मतदान के बरात लेकर जाना पड़ा ।

 

 
 

इस सम्बन्ध में दूल्हे मोहम्मद आसिफ ने बताया कि आज मेरी बरात मिर्ज़ापुर जानी थी।  आज महापौर का मतदान था मैंने निर्णय किया कि लोकतंत्र की मज़बूती के लिए पहले वोट देना ज़रूरी है इसलिए मैं यहाँ वोट देने आया था पर मेरा नाम ही वोटर लिस्ट से गायब है। दूल्हे के लिबाज़ में मतदान केंद्र पर देखकर लोगों ने उसे बधाइयां देनी शुरू कर दी। शादी की बधाई से ज्यादा उसे मतदान करने की बधाई मिल रही थी। आसिफ मतदान को लेकर उत्साहित था पर चुनाव आयोग की ज़रा सी गलती ने उसके अरमानो पर आंसू फेर दिया।

 

 

 दूल्हे के लिबाज़ में आसिफ जब वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचा तो पता चला की उसका नाम तो वोटर लिस्ट में है ही नहीं।  दूल्हे के साथ साथ उसके साथियों के नाम भी लिस्ट से नदारद थे। फिर क्या था करीब एक घंटे के जिच के बाद जब वोट डालने को नहीं मिला तो मजबूरन दूल्हे आसिफ और उसके दोस्तों को निराश होकर वापस जाना पड़ा। इस बाबत जब BLO से बात की गई तो वार्ड नंबर 18 की बीएलओ रेशमा ने बताया कि गड़बड़ियां निगम की तरफ से हैं और कई लोगों के नाम में भी गलत छपाई की वजह से दिक्कतें आ रही हैं ऐसे में लोग BLO को ही बुरा भला कह रहे हैं।

 

 

 

वाराणसी के कई बूथों पर इस तरह की गड़बड़ियां निगम की लापरवाही सामने आई है लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा है लेकिन उनमे से सबसे ज्यादा निराशा दूल्हे के लिबाज़ में आये मो आसिफ को हुई है क्योंकि उसने अपने घर रिश्तेदार और मोहल्ले वालों से कहा था कि पहले मतदान फिर निकाह।

 

Comments