बनारस। आपने बड़े परदे पर दंगल मूवी में महिलाओं को अखाड़े में जोर आजमाईश करते देखा होगा लेकिन आज हम आपको बड़े परदे पर नहीं बल्कि हकीकत में लड़कियों के दंगल से रूबरू कराएंगे। वही लड़कियां जिसे समाज अबला कहता है  इसी अबला नारी ने आज जब अपने बल का प्रदर्शन किया तो हर कोई हैरान में पड़ गया और तालियों से इनका अभिवादन किया। तस्वीरें  वाराणसी के अस्सी घाट की है जहां महिला पहलवानों में कुश्ती के मैदान में न केवल जोर आजमाइश की बल्कि बड़े बड़े पहलवानों के पसीने भी छुड़ा दिए।


अखाड़े में महिलाओं की जोर आजमाईश और प्रवेश के परम्परा की शुरुआत वाराणसी के स्वामी नाथ अखाड़े ने नागपंचमी पर करवाकर नया इतिहास रचा था।  अखाड़े में प्रैक्टिस के बाद आज पहली बार महिला रेसलरों ने रेसलिंग मैट  पर कुश्ती के दांव पेच दिखाए।  इस कुश्ती चैम्पियनशिप में महिला पहलवानों और पुरुष पहलवानों के बीच मैच भी हुआ जिसमे महिला पहलवानों ने पुरुष पहलवानों के पसीने छुड़ाए। पुरुष पहलवानो के साथ ही महिला पहलावानो के बीच की आपसी नूरा कुश्ती भी लोगो को खूब पसंद आयी।

इस सम्बन्ध में संकट मोचन के महंत और कुश्ती के आयोजक विशम्भर नाथ मिश्रा ने बताया कि पूर्व महंत स्व अमरनाथ मिश्रा के स्मृति में आयोजित  होने वाले कुश्ती चैम्पियनशिप के 25 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब इस चैम्पियनशिप में महिला पहलवानों भी मैदान में उतरी है। इस चैम्पियनशिप में प्रदेश के अलग अलग जिलों से पहलवाल हिस्सा ले रहे हैं । जिसमे 57 किलोग्राम में सबसे ज़्यादा महिला पहलवान हिस्सा ले रही हैं।  प्रतियोगिता में कुल 27 महिला पहलवान को पूर्वांचल के अलग अलग जिलों से है जो इस बार इस चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया है।



 

इस कुश्ती में हिस्सा ले रही रेसलर भावना ने बताया कि महिलाएं जब राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फलक पर कुश्ती के क्षेत्र में  देश का नाम रौशन कर रही है तो उन्हें पारंपरिक अखाड़ों से दूर कैसे रखा जा सकता है। पुरुषों से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में दम दिखाने वाली महिलाओं को प्रात्साहित करना ही हम सबका कर्तव्य है।  लोग कहते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा पुरुष रेस्लेर के सामने तो हम खेल में एक दुसरे को रेसलर की तरह देखते हैं ना की पुरुष और महिला की तरह। 

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