बनारस।  सूबे की पुलिस आम जनता की सेवा में हरदम खड़े रहने का दावा करती है लेकिन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में योगी की पुलिस की आज पोल खुल गयी जब शहर के जगतगंज इलाके में तेज़ गति से जा रही फायर सर्विस की एम्बुलेंस ने पहले तो एक रिक्शे वाले को धक्का मारा और उसके बाद एक मोटरसाइकिल सवार को उन्हें टक्कर मारकर एम्बुलेंस डिवाइडर से टकरा गयी पब्लिक ने जब एम्बुलेंस को रोका तो उसमे सवार तीन पुलिसकर्मी जनता से भीड़ गये और वर्दी का धौंस जमाने लगे। स्थानीय लोगों के एसएसपी से फोन द्वारा बात करने पर आई चेतगंज पुलिस सभी को थाने ले गयी।

 

 

इस सम्बन्ध में स्थानीय नागरिक प्रशांत सिंह ने बताया कि सुबह के वक़्त हम सभी लोग दूकान के बाहर बैठे चाय पी रहे थे उसी समय संस्कृत विश्वविद्यालय की तरफ से बहुत तेज़ फायर सर्विस चेतगंज की एम्बुलेंस आई और सड़क किनारे जा रहे रिक्शे को जोर की टक्कर मार दी।  जिससे वो सड़क पर फेका गया और आगे जाकर उसने एक बीक सवार को टक्कर मार दी और जाकर दिवैदर से टकराकर रुक गयी।  हम लोग वहां पहुंचे तो उसमे से तीन पुलिस कर्मी उतरे और वो वर्दी की धौंस दिखाने लगे और हमसे हाथापाई पर उतारू हो गये। 

 

प्रशांत सिंह ने बताया कि एम्बुलेंस नंबर UP 65 AG 0879 पर फायर सर्विस लिखा हुआ था और तीनो ही पुलिस कर्मी शराब के नशे में थे।  हमने इसकी शिकायत तत्काल एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज के मोबाइल और चेतगंज एसो की दी जिसके बाद पहुंची पुलिस एम्बुलेंस और उसके पुलिस कर्मियों को थाणे ले गयी और रिक्शे वाले को रिक्शा बनवाने के लिए पैसा भी दिया।


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