बनारस। मुसलमानो के आखरी नबी हज़रत पैगम्बर साहब की पैदाइश का दिन बारावफात मुस्लिम इलाकों में शनिवार को धूम धाम से मनाया जा रहा है। बनारस के मुस्लिम बाहुल इलाकों मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, बजरडीहा, पीलीकोठी, बेनियाबाग, नई सड़क से रसूल की आमद का जुलूस निकला।  शहर के नई सड़क इलाके से निकले जुलूस का मुख्य आकर्षण रहा भारत की शान तिरंगा झंडा।  जिससे पूरे मुल्क को यह पैगाम दिया गया कि जो मुस्लमान भारत में रहते है वो अपने मुल्क के लिए वैसे ही सोचते है जैसे कोई और मज़हब वाला। जुलूस में जगह जगह नातिया कलाम पेश किये गए। अकीदतमंदों ने रस्ते भर पैगम्बर साहब की शान में क़सीदे पढ़े।  जगह जगह पर अकीदमंदों के लिए तबर्रुक का इंतज़ाम किया था।


जुलूस में चल रहे हाजी रिज़वान अहमद ने बताया कि हज़रत पैगम्बर साहब के रस्ते पर चलकर देश में भाई चारा और अमन चैन कायम किया जा सकता है। आज का दिन इस्लाम की तारीख का वो दिन है जिसने इस्लाम को उसके बलंद मकाम पर पहुंचाया। हजरत पैगम्बर साहब का जन्म दिन हम सभी आपसी भाई चारे के पैगाम के साथ मनाते हैं।  इसीलिए हमारे जुलूस में सबसे आगे हमारे मुल्क का तिरंगा झंडा रहता है क्योंकि हम सभी अमन पसंद हिना उर पैगम्बर साहब के बताये रस्ते पर चल रहे हैं।  देश भी पैगम्बर साहब के बताये रस्ते पर चलकर तरक्की कर सकता है।


इस मौके पर समाज सेवी और सपा नेता मोहम्मद जुबैर की तरफ से अकीदतमंदों को तबर्रुक बांटा गया। उन्होंने खुद अकीदतमंदों को तबर्रुक दिया।  उन्होंने बताया कि हजरत पैगम्बर साहब ने हमेशा मुल्क में अमन और चैन की बात कही।  उन्होंने कहा कि पैगम्बर साहब ने कहा है कि मुल्क की तरक्की के लिए हर इन्सान को अपने मुल्क के साथ वफ़ा करनी होगी इसी वफ़ा को दिखाने के लिए आज हमने अपने जुलूस में भारतीय झंडे को सबसे आगे रखा है।


जुलूस अपने क़दीमी रास्तों से होता हुआ बेनियाबाग स्थित मैदान में बड़े जलसे के रूप में तब्दील हो गया। जहां उलेमाओं ने पैगम्बर साहब के जीवन पर प्रकाश डाला और अकीदतमंदों को उनकी बताई राह पर चलने की बात कही।

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