बनारस। क्या बेटी होना गुनाह है या फिर बेटियों को सम्मान से जीने का अधिकार नहीं है ये मर्मस्पर्शी बातें आगमन संस्था द्वारा आयोजित बेटी पंचायत अभियान के दौरान बेटी दूतों द्वारा उठायी गयी। आगमन संस्था द्वारा वर्षो से भ्रूण ह्त्या के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के आठवीं कड़ी के तहत बेटी संसद के गठन हेतु बेटी पंचायत का आयोजन महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल में किया गया ।


बेटियों के जन्म लेने की अधिकार की लड़ाई लड़ रही सामाजिक संस्था आगमन द्वारा आयोजित बेटी पंचायत की आठवीं कड़ी में बेटियों ने आज जन्म,सुरक्षा और अधिकार के साथ ही समाज के उस हकीकत को भी रखा जो समाज में आज भी रचा बसा है । महेशपुर स्थित सिल्वर ग्रोव स्कूल की छात्राओं ने समाज के मानसिकता और बेटा बेटी के बीच भेदभाव पर जमकर प्रहार किया गया आलम यह था कि छात्रायें अपनी बात रखते रखते अपनी दुःख को  आसुओ से बया की ।

संस्था के खुले मंच पर इस आयोजन में जहां कुछ बेटियों ने कहा कि उनको बेटी होने पर गर्व है तो वही कुछ बेटियों ने अपने परिजनों पर अपने ऊपर निर्णय थोपने की तोहमत भी लगाई। यही नहीं महिला सुरक्षा और छेड़छाड़ की समस्या पर भी अपने विचार रखी तो कुछ बेटियों ने बेटियों के जन्म और भ्रूण ह्त्या के खिलाफ आवाज भी उठाई।  पंचायत में कुल 18 बेटियों ने अपने विचार रखे जिसमें से जजों ने 11 बेटी दूत का चयन किया ।

बेटी पंचायत के निर्णायक की भूमिका में एडिशन सीएमओं डॉ पी पी गुप्ता ,स्कूल निदेशिका डॉ रचना श्रीवास्तव, प्रधानचार्य डॉ वंदना चतुर्वेदी, कवित्री संगीता श्रीवास्तव ,समाजसेवी बृजेश पाठक और संस्था के संस्थापक सचिव डॉ संतोष ओझा ने स्मिता तिवारी, शाम्भवी दूबे, मोनिका यादव, वंदना सिंह, दीक्षा दूबे, नेहा गुप्ता, सोनम यादव, सोनाली, सुगंधा, काश्मीरी नाग और अविशा श्रीवास्तव को बेटी दूत चुना। खुली चर्चा के बाद बेटियों ने भ्रूण ह्त्या न करने की शपथ ली और जादूगर किरण ने अपनी जादूगरी से बेटियों के महत्व को बताया। पंचायत की भूमिका,प्रस्तावना और उदेश्य आगमन के संस्थापक डॉ संतोष ओझा ने रखा। स्कूल की ओर से प्रबंधक मोहित श्रीवास्तव, मंजू द्रिवेदी संस्था की ओर से हरिकृष्ण प्रेमी,दिलीप श्रीवास्तव,रजनीश सेठ,राजेश दीक्षित,मासूम अली,हरीश शर्मा और मनोज सेठ ने सहयोग किया।

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