बनारस। बीते ज़माने की नर्तकी उमराव जान की 80वीं पुण्यतिथि के मौके पर डर्बी शायर क्लब और उनके प्रशंसकों ने फातमान स्थित उमराव जाना की कब्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। उमराव जान फैजाबाद की रहने वाली थी पर साल 1937 में उन्होंने वाराणसी में अंतिम सांस ली। वहीं काशी के एक प्रशंसक ने बनवाया उमराव जान का मकबरा भी बनवाया है।  वो भी आज इस मौके पर उपस्थित रहे।

 

 
इस सम्बन्ध में डर्बी शायर क्लब के अध्यक्ष शकील अहमद ने कहा कि उमराव एक बेहतरीन नृत्यांगना थी।  उन्होंने अपने नृत्य से लखनऊ के नवाबों को ही नहीं तमाम जनमानस को भी अपना दीवाना बना दिया था।  अपने अंतिम समय में वो वाराणसी में थी। उमराव जान ने अपने अंतिम समय समाज से कट के गुज़ारे।

 
 
उमराव जान की 79वीं पुण्यतिथि पर उनका मकबरा बनवाने का वादा करने वाले शिल्पकार अरुण सिंह भी मौजूद रहे।  उन्होंने कहा कि इस मशहूर अदाकारा की कब्र गुमनामी में न रहे इसलिए हमने पिछली पुण्यतिथि पर उनका मकबरा बनवाने की बात कही थी और हमें ख़ुशी है की हम उसे बनवाने में कामयाब रहे।

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