बनारस। धर्म की नगरी काशी में आने वाले श्रद्धालुओं सहित विदेशी मेहमानो को यहां मां गंगा में चलने वाली नाव पर सवार होकर काशी के 84 घाटों का सैर करना सबसे ज्यादे भाता हैं लेकिन अब उन शौकीन लोगो के लिए नए साल की शुरुआत में काशी के इन घाटों का आनंद नाव के जरिये लेने से वंचित रहना पड़ सकता हैं क्योंकि वाराणसी के 84 घाट के नाविक समाज के लोगो  ने हड़ताल की घोषणा कर दी हैं।  दरसल एक निजी संस्था द्वारा दर्जनों नाव गंगा उतारे जाने के विरोध में नाविक समज ने हड़ताल की हैं और अब सिर्फ 25 फीसदी नाव ही गंगा में नाविक समाज के लोगो की चल रही है वो भी जिसकी बुकिंग पहले से हो चुकी है।  ये नाव भी बुकिंग के ख़त्म होने के बाद बंद कर दी जायेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाई तो सभी से वादा किया कि हम सभी को रोज़गार और सभी का विकास करेंगे लेकिन उनके नुमाइंदे अपने स्वार्थ के लिए उनकी योजना और घोषणा पर पानी फेर रहे हैं।  जिसका जीता जागता उदहारण है नाविक समाज की कमाई पर अंकुश लगाने के लिए जल्द ही गंगा में निजी कंपनी की नावों का संचालन उक्त बातें निषाद समाज के अध्यक्ष विनोद निषाद ने livevns को बातचीत में बताई।

उन्होंने कहा कि हम सभी आज से अघोषित हड़ताल पर हैं और गंगा में नौका का सञ्चालन आज से हमने बंद कर दिया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में उनके नुमाइंदे जल्द ही एक निजी कंपनी के सहयोग से  हड़ताल के संबंध में  निषाद समाज के अध्यक्ष विनोद साहनी ने बताया कि हमे पता चला हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी के नुमाइंदो के सहयोग से एक निजी संस्था जल्द ही 27 नाव गंगा में उतारने वाली हैं। जिसको लेकर नाविक समाज चिंतित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आज से गंगा की लहरों पर नाव नहीं चलेगी यदि आप नौका विहार करना चाहते हैं तो आप को कुछ इंतज़ार करना पड़ सकता है।

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