बनारस। पूरा देश शिक्षा का अलख जगा रहा है और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई संस्थान आगे आये हैं।  इसी शिक्षा के अलख को जगाते हुए सात समुन्दर पार को बढ़ावा देने के लिए साईकिल यात्रा करते हुए शिक्षा की नगरी काशी पहुंचे हैं।  कुछ लोग विश्व भ्रमण जीवन मे कुछ अलग या एडवेंचर के लिए करते है।  जिनमे विदेशी सैलानियों की संख्या ज्यादा है  इन्हीं विदेशियों में आज हम आपकी एक ऐसे विदेशी जोड़े का एडवेंचर यात्रा दिखाने जा रहें है जो साइकिल से दुनिया की भ्रमण करने के लिए निकले है लेकिन इनका उद्देश्य जिंदगी में कुछ अलग करना या जीवन का एन्जॉयमेंट नही बल्कि ये विदेशी जोड़ी निकली है भारत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ,क्या है इनका उद्देश्य देखिये इस रिपोर्ट में ……

शहर की सड़को पर साइकिल चलाते हुए ये विदेशी जोड़ी कौतुहल का विषय बना हुआ है।  हर कोई इन्हें अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर रहा है और जानना चाह रहा है कि ये विदेशी जोड़े कैसे यहां साइकिल चलाते हुए लोगो से मिलजुल रहे है। तो आईये हम आपको बताते है दरअसल ये विदेशी जोड़ा जर्मनी निवासी है और वहां एक विद्यालय में अध्यापक है।

यह जोड़ा अमेरिका से साइकिल चलाता हुआ पूरे 17000 किलोमीटर की साइकिल यात्रा करते हुए बनारस पहुंचा है। इस सम्बन्ध में जर्मनी के निवासी और साईकिल से शिक्षा का अलाकः जागा रहे इमके फोडरमान ने बताया कि हम नार्थ अफ्रीका और यूरोप के बाद भारत मे बीते साल फरवरी माह में पहुंचे थे। इस यात्रा में हम कई अन्य देशों में गए जिसमे हमने वहां के लोगो से शिक्षा के लिए बात की।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर इन्होंने ऐसा क्या मुहिम लिया जो इन्हें इस यात्रा की जरूरत पड़ी। इस सम्बन्ध में इमके की पत्नी राल्फ लैंड ने बताया कि हमने साल 2014 में  भारत मे ही राजस्थान में एक गॉव में एक कक्षा एक से 5 तक कि स्कूल की स्थापना की है।  जहां गरीब बच्चो को शिक्षा दी जाती है।


इमेक ने बताया कि उस स्कूल को और बढ़ावा देने के लिए हमें धन की आवश्यकता हुई इसके साथ ही भारत में कक्षा एक से पांच तक के शिक्षा में और तेजी लाने के लिए हमने ये मुहिम शुरू की जिसके जरिये हम भारत मे भ्रमण करते हुए लोगो के अंदर शिक्षा की अलख जगाते है ।


इनकी ये यात्रा यहीं नही रूक रही है बल्कि ये यात्रा बनारस के बाद आगे भी जारी रहेगी जो न्यूजीलैंड में जाकर खत्म होगी जिसके बाद ये वापस राजस्थान जाकर उस स्कूल में और छात्रों को जोड़कर सारी सुविधाओ को उपलब्ध कराएंगे ।।

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