बनारस। प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाने व आम लोगो को इंसाफ दिलाने के दावा करने वाली यूपी सरकार में एक दलित कुनबा अपनी जमीन को वापस पाने के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है।

 

मामला पीएम नरेद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है जहां आज नौ परिवार अपनी जमीन को सरकार से वापस लेने के लिए धरने पर बैठ गया। यह धरना उस वक़्त शुरू हुआ जब सूबे के मुखिया जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कानून व्यवस्था पर कर रहे थे।

 


हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड में खुले आसमान के नीचे बैठा परिवार अपनी गुहार प्रदेश के मुखिया तक पहुचने के लिए धरने पर बैठा हुआ है।


धरने पर बैठे रणविजय का कहना है कि सन 1981 में सरकार द्वारा हमारी जमीन को आवास बनाने के लिए अधिग्रहित किया गया था। जिसे लेकर हमने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। मामले में हाइकोर्ट द्वारा सन 2011 में हमारे पक्ष में फैसला सुना दिया गया था बावजूद इसके हमारी जमीन को वीडीए द्वारा वापस नही किया गया।


परिवार को अब मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से इंसाफ की उम्‍मीद जगी है। धरना दे रहे लोग अब मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने अपनी गुहार लगाना चाहते हैं। वैसे तो मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आज वाराणसी में हैं और इन लोगों से चंद कदम दूर ही है पर ये दूरी सरकारी नुमाईंदों की नजरे इनायत के बिना मीलों लंबी हो गयी है।
Comments