बनारस। ”हमें मानवीय मूल्यों और संबंधों को ऊपर रखते हुए सभी कार्य करने चाहिए। ये लोग जो यहां बैठे हैं ये ग्राम चौकीदार नहीं आज से ये ग्राम प्रहरी कहलायेंगे।” उक्त घोषणा सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम चौकीदार सम्मलेन और सम्मान समारोह में की।

उन्होंने मंच से चौकीदारों को नया नाम दिया। उन्‍हें अब चौकीदार नहीं बल्‍कि ग्राम प्रहरी कहकर पुकारा जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने पुलिस लाइन में खाकी महकमे के अधिकारियों को भी मानवता का मूलमंत्र दिया।

मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी उपासना विधि अलग लगा हो सकती है। हमारे उपासना स्थल अलग हो सकते हैं लेकिन हमारा राष्‍ट्रधर्म एक है। हम एक दूसरे के सहयोग से राष्‍ट्र की रक्षा कर सकते हैं।

मानवीय संबंधों से ऊपर कुछ नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच संभालते ही ग्रामीण चौकीदार सम्मलेन की दिशा ही बदल दी। उन्होंने ग्रामीण चौकीदारों के लिए नया शब्द सृजित कर दिया। उन्होंने कहा कि अब आज से ये ग्राम प्रहरी बुलाये जायेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम प्रहरी हर एक घटना की एक एक जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने में महती भूमिका निभा सकते हैं।

पुलिस करे जनता से मानवीय व्यवहार
मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोई भी सुरक्षा, कोई भी कानून और कोई प्रोटोकाल मानवीय संबंधों से ऊपर नहीं हो सकता। कानून मनुष्यों के लिए बना है, ना की मनुष्य उन कानून के लिए। जब कानून मनुष्य के लिए बना हो तो जो मनुष्य के अनुकूल हो, अनुरूप हो, लोक वयवस्था के अनुकूल हो, हमें लोक व्यवस्था के अनुरूप लाने की कोशिश करनी चाहिए। मैं बार-बार इस बात पर जोर देता हूं कि जिस दिन जनता के साथ पुलिस का व्यवहार दोस्ताना हो जाएगा सौहार्द पूर्ण हो जाएगा उस दिन जनता स्वयं ही सबसे बड़ी इंटीलिजेंस का काम कर सकती है।

उन्होंने कहा कि नीव के पत्थर देखे नहीं जाते हैं लेकिन उस नीव के पत्थर की मजबूती उसके सम्मान के साथ जुडी है, हमारे संवाद के साथ जुडी है और जब हम इस संवाद और सम्मान को जोड़ कर चलते हैं तो परिणाम हमेशा सही आते हैं।

मुख्‍यमंत्री ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में 60 हज़ार से अधिक ग्राम पंचायतें हैं और इन ग्राम पंचायतों में अगर प्रत्येक में एक ग्राम प्रहरी उस गाँव में घटने वाली घटना की जानकारी थानाध्यक्ष को उपलब्ध कराता है और थानानाध्यक्ष उन सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराता है तो मुझे पूरा यकीन है कि इसके द्वारा सभी गांवों में किसी भी अप्रिय घटनाओं से रोका जा सकता है। ये ग्राम प्रहरी उन घटनाओं को पहले से ही रोक सकने में मददगार हो सकते हैं जिससे सुरक्षा को ख़तरा पैदा हो सकता है। मुख्‍यमंत्री के अनुसार गांव की व्यवस्था बनाये रखने में इन ग्राम प्रहरियों की भूमिका अहम् होगी।

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