बनारस। मऊ के चर्चित ठेकेदार मन्ना सिंह हत्याकांड में विधायक मुख्‍तार अंसारी की मुश्‍किलें बढ़ गईं हैं। वाराणसी के सामाजसेवी राकेश न्यायिक द्वारा दिये गए प्रार्थना पत्र के बाद जागी प्रदेश सरकार ने अंसारी को अवर न्यायालय द्वारा बरी किये जाने के आदेश के खिलाफ उच्च न्यालय में अपील दाखिल कर अवर न्यालय के आदेश को चुनौती दी है। वहीं उच्च न्यायालय ने अपील पर सुनुवाई करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।


दूसरी तरफ मन्ना सिंह हत्यकांड में मुक़दमा वादी हरेंद्र सिंह ने भी अवर न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है।

 
उपरोक्त याचिका पर भी सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

 
इस सम्बंध में सामाजसेवी राकेश न्यायिक ने बताया कि मऊ में हुए मन्ना सिंह हत्याकांड में मोख्तार अंसारी सहित सभी 10 आरोपियों को एडीजी कोर्ट मऊ ने बरी कर दिया था, जिसपर मैंने एक प्रार्थना पत्र शिवपुर थाने से लगायत सभी आला अधिकारियों को एक प्रार्थना पत्र दिया था।

 
इससे पूर्व राकेश न्‍यायिक ने यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि विधायक राजा भइया ने एमएलसी बृजेश सिंह और विधायक मोख्तार अंसारी के बीच समझौता करा दिया है। जिसके कारण दोनों एक दूसरे के समर्थन में गवाहों को एन-केन प्रकारेण गवाहों को प्रभावित कर मुकदमे से बरी करा रहे हैं। 

इस सम्बन्ध में सामाजसेवी राकेश न्यायिक ने शिवपुर थानाध्‍यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर मुक़दमा दर्ज करने का निवेदन किया था।

दोनों अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता और न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई के उपरांत मोख्तार अंसारी सहित दस अभियुक्तों को नोटिस जारी किया है।
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