बनारस। दिल्ली में सत्ता में काबिज़ आम आदमी पार्टी की जिला इकाई ने शनिवार को वाराणसी के लहुराबीर चौराहे पर एफडीआई का विरोध करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंका। आम आदमी पार्टी के कार्यक्रताओं ने मौजूदा केंद्र सरकार पर आरोप लगते हुए कहा कि भाजपा की मौजूदा सरकार ने यूपीए सरकार के दौरान इसी एफडीआई बिल का विरोध कर रही थी और आज इसी सरकार ने इसे पूरी तरह से लागू करवाने का मन कर लिया है।  जिसका हम विरोध करते हैं।

इस सम्बन्ध में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह ने बताया कि मौजूदा भाजपा सरकार ने केवल जनता को इन चार सालों में बहकाया है।  जिन बिलों के विरोध में खड़े होकर उसने सत्ता हासिल की उसे ही वो लागू करवा रही है। मेक इन इंडिया का नारा देने वाली सरकार आखिर क्यों विदेशी कंपनियों पर मेहरबान हो रही है।  पहले यूपीए सरकार आटोमैटिक रूट से 49 रूपये प्रति रीटेल एफडीआई लाई थी जबकि मोदी सरकार ने उसे 100 रूपये प्रति रिटेल से कर दिया है।  जो की गलत है।  हमारी मांग है कि सरकार इस एफडीआई कानून को वापस ले अन्यथा हम सड़कों पर उतारकर आन्दोलन करने को मजबूर होंगे।

इस मौके पर उपस्थित आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता कैलाश पटेल ने कहा कि देश में रिटेल के कारोबार से करीब 5 करोंड लोग जुड़े हुए हैं और अप्रत्यक्ष रूप से 20 करोड़ लोगों का जीवन इससे चल रहा है।  ऐसे में रिटेल एफडीआई के चलते देश के छोटे छोटे ब्रांच का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा।  जिससे रिटेल कारोबार से जुड़े लोगो के सामने बेरोज़गारी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। हमारी सरकार से मांग है की रिटेल एफडीआई 100 प्रतिशत लागू करने के बजाये उसे वापस लें अन्यथा की स्थित में आम आदमी पार्टी वाराणसी में आने वाले दिनों में अपने आन्दोलन को और तेज़ करने पर मजबूर होगी।

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ इस विरोध प्रदर्शन में रिटेल व्यापारी भी मौजूद रहे उन्होंने भी इस एफडीआई का विरोध किया और अरुण जेटली मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।

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