बनारस। मस्ती और परम्परा निर्वहन संग समाज को बेटियों के महत्त्व से रूबरू कराने और भ्रूण ह्त्या के खिलाफ लोगो को जागरूक करने के लिए एक बार फिर सामाजिक संस्था आगमन ने अनोखी पहल की है। जिसके तहत धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर आसमान में उड़ने वाले रंगबिरगे पतंग के जरिये लोगो को बेटी बचाने का सन्देश दिया।

बेटी नहीं तो कल नहीं के पैगाम के साथ शनिवार को अस्सी घाट पर आगमन संस्था के द्वारा बच्चियों और महिलाओं ने पतंग उड़ाई।  ये पतंग उड़ाने के लिए नहीं अपितु कटवाने के लिए उड़ाई गयी ताकि ये जिस घर या आंगन  में गिरे उस घर के लोग बेटियों का महत्व समझ सकें और भूर्ण में बेटियों की ह्त्या को रोका जा सके। आगमन ने अपने कार्यक्रम “पतंग उड़ाओ बेटी बचाओं” के तहत अस्सी घाट से इसकी शुरुआत की जो रविवार भी जारी रहेगा। घाट पर जुटे सैलानी संग संस्था की महिला सस्दयों ने बेटी बचाओं के स्लोगन लिखे पतंग उड़ाकर लोगो को बेटी बचाने का सन्देश दिया।


संस्था के संस्थापक सचिव संतोष ओझा ने बताया कि पतंगबाजी के साथ ही संस्था के सदस्यों ने लोगो को पतंग भीबाटी है।  हमने 2500 पतंग बनवाई है जिसपर बेटियों को बचाने के लिए अलग अलग सन्देश लिखे गये थे।  आज हमने बच्चियों के साथ पतंग उड़ाने के साथ घाट किनारे पतंग बाटी भी है ताकि लोगों में बेटियों के प्रति जागरूकता बढे। इन पतंगों पर बेटियों के महत्त्व के अलावा कन्या भ्रूण हत्या महापाप है इससे बचे, बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से आयेगी , आगमन ने ठाना है बेटी को बचाना है के स्लोगन लिखें है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से रचना श्रीवास्तव, रश्मि अग्रवाल,श्वेता कटियार,वंदना चतुर्वेदी,वीरेंदर प्रसाद सिंह दिलीप श्रीवास्तव,रजनीश सेठ,आलोक पांडेय कपिल यादव, ऋतू विद्या,अभिषेक जायसवाल, हरीश शर्मा सुनील कुमार अभय श्रीवास्तव ,धर्मेंद्र सिंह विजय गुप्ता सहित अन्य लोगो ने सहयोग किया।

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