इस भक्त ने विश्वनाथ दरबार में चढ़ाया 52 किलो का चांदी का फाटक, बोला-यहीं पलटी है किस्मत

बनारस। भक्तों की भक्ति की सीमा किसी तराजू में नहीं तौली जा सकती। ऐसे ही एक भक्त दंपति ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का उत्तरी गेट चांदी से जड़वाया है। मनोकामना पूरी होने के बाद उसने बाबा के मंदिर का गेट चांदी से जड़ने का संकल्प लिया था।

बाबा के इस तमिल दम्पति भक्त ने इसके पहले इस रजत गेट की विधिवत पूजा अर्चना की। इस दौरान चेन्नई से आये लगभग 200 भक्तों ने एक जुट होकर इस आयोजन में हिस्सा लिया। गौरतलब है की अभी तक सिर्फ बाबा विश्वनाथ मंदिर का पूर्वी गेट ही चांदी से जड़ा था। आज से उत्तरी गेट भी रजत धातु से चमक उठा।

चेन्नई की अन्नपूरणी की मुराद जब पूरी हुई तो वह अपने पति सुब्बू सुन्दरम के साथ बाबा दरबार में 52 किलो चांदी का द्वार लेकर पहुंची और इसे बाबा विश्वनाथ को समर्पित किया गया। सुब्बू सुन्दरम ने हमें मुराद के बारे में तो नहीं बताया पर कहा कि बाबा के दरबार में हमारी किस्मत पलटी है, इसलिए आज हमने बाबा विश्वनाथ के दरबार में जाने के लिए लगे द्वार को 52 किलो चांदी के द्वार से मंडित किया है।

टुकड़ों में लाया गया द्वार
आसानी से चेन्नई से वाराणसी बाबा दरबार में रजत द्वार पहुँच सके इसलिए इसे टुकड़ों में लाया गया। इसे यहां दरवाज़े पर चढ़ाया जायेगा।

हुई विधिवत पूजा निकली शोभा यात्रा
इस रजत द्वार को मंदिर परिसर में चढाने से पहले अगस्तकुंड इलाके में इस इसकी विधिवत पूजा की गयी। पूजा में करीब 250 लोग सम्मिलित रहें। उसके बाद इस राजत गेट की एक भव्य शोभा यात्रा शहर में निकाली गयी।

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