छुट्टी पर नि‍कले BHU वाइस चांसलर, चर्चाओं का बाजार गर्म

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बनारस। काशी हि‍न्‍दू वि‍श्‍ववि‍द्यालय के कुलपति‍ प्रो. गि‍रीश चंद्र त्रि‍पाठी सोमवार से अवकाश पर चले गये हैं। अपुष्ट जानकारी के अनुसार उनकी ये छुट्टी नि‍जी कारणों की वजह से बताई जा रही है, हालांकि विभिन्न स्रोत इसे दशहरे की छुट्टी भी बता रहे हैं। वर्तमान कुलपति‍ इसी साल नवंबर माह की 30 तारीख को रि‍टायर होने वाले हैं।

 

कुलपति‍ के अवकाश पर जाने के बाद शि‍क्षा जगत और काशी के राजनीति‍ज्ञों के बीच चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म हो चुका है। बता दें कि‍ हाल ही में छेड़खानी वि‍वाद के बाद गंदी राजनीति‍ का अखाड़ा बनने से वि‍श्‍ववि‍द्यालय की छवि‍ धूमि‍ल हुई है, जि‍सके लि‍ए कुलपति‍ को चौतरफा हमला झेलना पड़ा।

वि‍भि‍न्‍न मीडि‍या रि‍पोर्ट्स पर गौर करें तो मानव संसाधन वि‍कास मंत्रालय की ओर से अब नये कुलपति‍ की तलाश शुरू हो चुकी है। यही नहीं वि‍श्‍ववि‍द्यालय में हुए हालि‍या बवाल को ठीक ढंग से हैंडल ना कर पाने का ठीकरा भी कुलपति‍ के मत्‍थे फोड़ने की कति‍पय कोशि‍शें असर दि‍खाने लगी हैं।

बता दें कि‍ कैम्‍पस में रोज रोज की छेड़खानी से दु:खी बीएचयू की छात्राओं ने ऐन प्रधानमंत्री मोदी के काशी वि‍जि‍ट के दौरान ही अच्‍छा-खासा हंगामा खड़ा कर दि‍या था। जि‍से राष्‍ट्रीय मीडि‍या ने भी जमकर तूल दि‍या। इस बीच परि‍सर में तेजी से घटनाक्रम बदले और तो और छात्राओं पर लाठीचार्ज करने की नौबत आ गई। फि‍लहाल इस मामले की वि‍भि‍न्‍न स्‍तरों पर जांच चल रही है। जि‍समें क्राइम ब्रांच से लेकर केंद्रीय जांच समि‍ति‍ तक पूरी तरह से एक्‍टि‍व है।

दो दि‍न पहले ही बीएचयू बवाल को लेकर बनी केंद्रीय जांच समि‍ति‍ के सदस्‍य और वि‍श्‍ववि‍द्यालय के पूर्व छात्र तथा सांसद मनोज ति‍वारी ने कैम्‍पस में पीड़ि‍त छात्राओं से मुलाकात की थी। सांसद ने वि‍श्‍ववि‍द्यालय प्रशासन से घटना की वि‍स्‍तृत रि‍पोर्ट लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी से मि‍लकर उन्‍हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने की बात स्‍थानीय मीडि‍या से कही थी।

यह भी माना जा रहा है कि‍ सांसद मनोज ति‍वारी की रि‍पोर्ट के बाद अब केंद्र सरकार भी मामले को और ज्‍यादा तूल देने के मूड में नहीं है। केंद्र की बीजेपी सरकार अब इस वि‍वाद का जल्‍द से जल्‍द नि‍पटारा चाहती है। इस बीच कुलपति‍ के छुट्टी पर नि‍कल जाने से चर्चाओं का बाजार गर्म है।
यह भी बताते चलें कि‍ हाल ही में कुलपति‍ गि‍रीश चंद्र त्रि‍पाठी ने यहां तक कहा था कि‍ वह पद छोड़ने को तैयार हैं लेकि‍न छुट्टी पर नहीं जाएंगे। फिलहाल इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं उपलब्ध हो सका है।