दीपावली के जश्‍न में डूबी काशी नगरी, मगर वाराणसी पुलिस ऑन ड्यूटी

बनारस। एक तरफ पूरी काशी नगरी दीपावली के जश्‍न में डूबी हुई है वहीं वाराणसी पुलि‍स के जवान छुट्टी के दि‍न भी ऑन ड्यूटी हैं। जि‍ले में अपराध और अपराधियो पर अंकुश लगाने के लिए छुट्टी के दिन भी मोर्चा संभाले वाराणसी के खाकी महकमे ने दीपावली के दि‍न तीन-तीन बड़े मामलों का खुलासा कि‍या है।

वाराणसी पुलि‍स ने जहां हाल ही में हुए ठेकेदार हत्‍याकांड के आरोपि‍यों को गि‍रफ्तार करने में कामयाबी हासि‍ल की है वहीं मिंट हाउस इलाके में हुई गार्ड के भाई की हत्‍या के आरोपी को भी पुलि‍स ने धर दबोचा है। सि‍र्फ इतना ही नहीं पुलि‍स ने अन्‍तरप्रांतीय लुटेरों के गैंग पर भी शि‍कंजा कसते हुए दो शाति‍र लुटेरों को गि‍रफ्तार कि‍या है।

 

पकड़ा गया 50 हजार का इनामी गुड्डू मामा
वाराणसी के वरि‍ष्‍ठ पुलि‍स अधीक्षक (एसएसपी) आर के भारद्धाज ने पुलि‍स लाइन सभागार में पि‍छले दि‍नों हुए शहर में हुए दो हत्याकांड के मामले का खुलासा कि‍या है। पुलि‍स के अनुसार पचास हजार के ईनामी बदमाश गुड्डू मामा व पांच हजार के ईनामियां आबिद सिद्दकी को गिरफ्तार कर लि‍या गया है।

इन दोनों मामले का पुलि‍स ने कि‍या खुलासा
पुलि‍स अधि‍कारी ने बताया कि‍ कुछ दिन पूर्व कैंट थाना क्षेत्र के मिंट हाउस स्थित सपा पार्षद विजय जायसवाल की हत्या करने के मामले में उनके आफिस पर पहुंचे बदमाशों ने वहां कार्यरत गार्ड के भाई को गोली मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गयी थी। वहीं दूसरी ओर ठेकेदार विशाल सिंह को उनके घर से चंद कदम की दूरी पर ही बदमाशों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इन दोनों ही मामलों में शाति‍र अपराधी गुड्डू मामा और उसका साथी आबि‍द शामि‍ल थे।

 

ऐसे पकड़े गये काति‍ल
एसएसपी आर.के.भारद्वाज ने बताया कि बीते दिनों कैंट थाना क्षेत्र स्थित सपा पार्षद विजय जायसवाल के मिंट हाउस स्थित कार्यालय पर कुछ बदमाशों ने देर रात चढ़कर फायरिंग की थी। जांच में बात नि‍कलकर आई कि‍ बदमाशों का इरादा पार्षद की हत्या करना था। लेकि‍न, बदमाशों का शि‍कार वहां काम कर रहे गार्ड का भाई बन गया, जि‍सकी अस्‍पताल ले जाते वक्‍त मौत हो गयी थी। वहीं सि‍गरा इलाके में भी ठेकेदार वि‍शाल सिंह के आवास के पास उनकी गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी।

पुलि‍स इन दोनों मामले की जांच कर रही थी, जि‍समें दोनों मामले एक-दूसरे से जुड़ते नजर आये। पुलि‍स के अनुसार इन दोनों मामले में दो बदमाशों की संलि‍प्‍तता सामने आई जि‍नमें 50 हजार का इनामी गुड्डू माम और उसका साथी 5 हजार का इनामी आबि‍द शामि‍ल हैं।

 

इसलि‍ए हुई दोनों हत्‍याएं
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार ठेकेदार विशाल की हत्या आर्थिक अर्जन करने के उद्देश्य से की गई थी। वहीं विजय जायसवाल की हत्या की साजिश राजनीतिक महत्वाकांक्षा के उद्देश्य से करना चाहते थे। दरअसल दोनों अभियुक्त आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं और चंदौली में रह रहे थे। गुड्डू मामा की इच्छा पार्षद के चुनाव में हाथ आजमाने की थी और विजय जायसवाल से इनकी काफी पुरानी रंजिश भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर रही।

 

पुलि‍स के अनुसार विजय जायसवाल के पुराने कारोबारी मित्र जो अब अलग हो गये हैं, जिनमें पंकज, अजय और अतिरिक्त पार्टनरों ने गुड्डू मामा को चुनाव में सपोर्ट करने को कहा था, जिसे लेकर गुड्डू मामा सपा पार्षद विजय जायसवाल को रास्ते से हटाना चाहता था और इसी कारण इसने उनके कार्यालय पर चढ़ उनकी हत्या करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।

 

दोनों ही घटनाक्रम घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गयी थी जिसके आधार पर पुलिस को अभियुक्तों तक पहुंचने में काफी सरलता हुई। बदमाश बिहार के गया से हथि‍यार मंगाते थे। पुलिस को इनके पास से कई असलहे व कारतूस सहित मोबाईल आदि बरामद हुए हैं।

 

पुलिस अधि‍कारी के अनुसार पार्षदी का चुनाव काफी डिफरेंट होता है, इसलिए इनके चुनाव में हिंसक घटनाएं अधिक होती हैं। हालांकि हम प्रत्याशियों से संपर्क रख रहे हैं, जिससे उनमें भय न पैदा हो और किसी भी प्रकार का यदि कोई उन पर प्रेशर डालता हैं तो वह सीधा पुलिस से शिकायत कर सकता है।

 

पकड़े गये अन्‍तरप्रांतीय लुटेरे
वाराणसी पुलि‍स को दूसरी कामयाबी सिगरा थाने की पुलिस की ओर से मि‍ली है। मीडि‍या के सामने दो अभि‍युक्‍तों को पेश करते हुए वरि‍ष्ठ पुलि‍स अधीक्षक आर के भारद्वाज और एसपी सि‍टी दि‍नेश कुमार सिंह ने बताया कि‍ लोहा मंडी में चेकिंग की जा रही थी, इसी बीच मुखबिरों से सूचना मिली कि एक बड़े लुटेरा गैंग के दो सदस्‍य मौजूद हैं।

सूचना को तत्‍काल अमल में लाते हुए सिगरा पुलिस ने घेराबंदी करते दोनों बदमाशों को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार इनके पास से 13 अक्टूबर को पंचवटी के पास से चोरी हुई मोटरसाइकिल और उसी दिन सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर में हुई एक लूट के 51 हजार 500 रुपए बरामद हुए। पुलिस को इन दोनों बदमाशों के पास से पांच मोबाइल फोन और धातु जड़ित पांच कड़े भी मिले हैं।


पुलिस पूछताछ में अभियुक्‍तों ने बताया कि हमारे गिरोह में कुल चार सदस्‍य हैं जो शहर के विभिन्‍न क्षेत्रों में छिनैती व लूट की घटना को अंजाम देता है। यह बैंकों से पैसे निकालने वालों पर विशेषकर ध्यान देते हैं और नकली पुलिस बन महिलाओं आदि से नगदी व जेवरात आदि जबरन छीन लेते थे।

पुलिस ने पकड़े गये अभियुक्‍तों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए दोनों को जेल भेज दिया है।