बनारस। साल 1994 में नगर निगम बनी वाराणसी नगर निगम की नवनिर्वाचित मेयर भाजपा की मृदुला जायसवाल ने मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। मृदुला जायसवाल ने संस्कृत में शपथ लेकर एक नया रिकार्ड बनाया। उन्हें मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर नगर आयुक्त नितिन बंसल ने उन्हें मेयर पद की ज़िम्मेदारी सौंपी। वहीं मेयर पद की दो बार शपथ लेना चर्चाओं में रहा।  जब इस बाबत राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी से पूछा गया तो वो बचते दिखे।

धर्म की नगरी काशी हमेशा से नए सन्देश देती आई है।  इसी क्रम में आज हुए मेयर और सभासद शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित मेयर मृदुला जायसवाल ने संस्कृत भाषा में शपथ लेकर एक नया आयाम गढ़ दिया।  काशी के मेयर पद की बात करें तो मृदुला जायसवाल पहली मेयर है जिन्होंने संस्कृत में पद और गोपनीयता की शपथ ली। मेयर मृदुला जायसवाल ने पहले जल्दीबाजी में बिना गाउन पहने पार्षद पद की शपथ ले ली | जिसके बाद वहां पहुंचे राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने दुबारा कमिश्नर को बुलवाया और गाउन पहनवाकर दुबारा से मेयर पद की शपथ दिलवाई गयी |

मृदुला जायसवाल ने इस मौके पर कहा कि जनता ने मुझे महापौर चुना इसके लिए मई सभी की आभारी हूँ।  इस काशी नगरी को स्वच्छ सुन्दर बनाने के लिए जो सपना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ने देखा है उसे साकार करना है।  इसके लिए हमें पूरी जनता और सभी पार्षदों का सहयोग चाहिए।  उन्होंने कहा की सभी पार्टी के पार्षद दल गत राजनीति से ऊपर उठकर वाराणसी के विकास के लिए आगे आयें और हमारा सहयोग करें। वहीं दो बार शपथ लेने की बात पर उन्होंने कहा कि मेरी चूक नहीं शब्दों की चूक थी |

कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने उन्हें तय समय पर शहीद उद्यान में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई और कमिश्नर अपने ज़रूरी काम से वहां से निकल गये , कुछ ही देर बाद मंच पर अजीब स्थिति उत्पन्न हो गयी जब राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी मंच पर शपथ के बाद पहुंचे तो उन्होंने कमिश्नर को बुलाकर दुबारा मृदुला जायसवाल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस बारे में जब राज्य मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा की कोई कामा या फुल स्टाप की गलती हुई होगी तभी दुबारा शपथ हुई है।

फिलहाल मेयर मृदुला जायसवाल ने संस्कृत में शपथ लेकर एक नया आयाम कायम किया है और पूरे विश्व में एकबार फिर काशी का मान बढ़ाया है।

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