ई-वे बिल के खिलाफ सड़क पर उतरे बनारस के व्‍यापारी

बनारस। मंडलीय उद्योग व्यपार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले मंडलीय अध्यक्ष विजय कपूर एंव मंडलीय महासचिव मुकेश जायसवाल के नेतृत्व में ई-वे बिल के खिलाफ वाराणसी के व्यपारियों ने शुक्रवार को सड़क पर उतर कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने ई-वे बिल की विसंगतियां दूर करो,  मंडी शुल्क वापस लो, व्यापारियों का उत्त्पीडन बन्द करो, के नारो लगाये।

 

 

इस अवसर पर महसचिव मुकेश जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जीएसटी लगाने के पूर्व व्यपारियों के साथ देश की जनता को भरोसा दिलाया था कि अब देश में एक कर प्रणाली लागू होगी, लेकिन सरकार के कथनी और करनी में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।

 

आक्रोशित व्यपारियों का कहना था कि बाहर से माल मंगाने पर ई-वे बिल प्रथम जनरेट करना पड़ता है। फिर माल बिक्री पर ई-वे बिल द्वितीय जेनरेट करना पड़ता है। ये दोनों फॉर्म ऑनलाइन जेनरेट करना पड़ता है। इसके कारण काफी दिक्कत्तों का सामना करना पड़ रहा है।

 

व्यपारियों ने कहा कि जिस प्रकार से जीएसटी में तमाम विसंगतिया थी, उसमे सुधार के लिए सरकार ने कई कदम उठाया है। उसी प्रकार ई-वे बिल में तमाम विसंगतिया है, जिसको सुधारने के लिए भी सरकार को कदम उठना चहिये, लेकिन सरकार व्यपारियों का उत्त्पीडन कर रही है। 

ई-वे बिल में बनाये गए कड़े नियमों के चलते छोटे और कुटीर उद्यमी खासे परेशान हैं, क्यूंकि नियमों को पूरा करने के लिए इनके पास कंप्यूटर नहीं है। 

व्यपारियों की मांग
1 – प्रदेश के अंदर ई-वे बिल की अनिवार्यता समाप्त की जाये। 

2 – व्यापारियों की सहायता के लिए प्रदेश के हर जिले में सुविधा केंद्र खोला जाये।
3 – एक करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारियों को फ्री कम्प्यूटर प्रदान किया जाए।
4 – जीएसटी पोर्टल के नेटवर्क को सुधारा जाए।
5 – व्यापारियों के सॉफ्टवेयर खरीदने के लिए सब्सिडी प्रदान किया जाए।
6 – ई-वे बिल जो 10 किलोमीटर दायरे में लग रहा है, उसे समाप्त किया जाए। 

प्रदर्शन में मुख्य रूप से विजय कपूर, मुकेश जायसवाल, दुर्गा प्रसाद गुप्त, अशोक गुप्ता, जगमोहन पाठक आदि लोग मौजूद रहे।