शिवगंगा में सीट बेचने का विरोध करने पर GRP वालों ने की रेलकर्मी की पिटाई !

बनारस। यार्ड में शिवगंगा ट्रेन की बोगी खोलने की बात का विरोध करने पर जीआरपी के सिपाहियों द्वारा रेल कर्मचारी की बरबर्ता से पिटाई करने का मामला सामने आया है। इसके बाद मंडुआडीह स्टेशन के रेल कर्मचारियों ने रेल की पटरी पर बैठकर धरना शुरू कर दिया और अफसरों से न्‍याय की मांग करने लगे। इस दौरान वाराणसी-इलाहबाद रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन कुछ देर के लिए ठप हो गया।

जोनल सेक्रेटरी एनएफआर रमेश ने जीआरपी पर आरोप लगाया कि कुछ सिपाहियों ने एक रेल कर्मचारी की निर्ममता पूर्वक पिटाई की है, जिससे वह अस्‍पताल में एडमिट हो गया है। रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि शिवगंगा ट्रेन में चलने वाला जीआरपी स्टाफ यार्ड में ही ट्रेन की जनरल बोगी खुलवाकर उसमे सीट बेचने का काम करता है। इसके लिए जीआरपी के कतिपय सिपाही ज़बरदस्ती रेल स्‍टाफ पर दबाव बनाकर बोगी का गेट यार्ड में खुलावा लेते हैं।

जोनल सेक्रेटरी के अनुसार बुधवार को रेल कर्मचारी गोपाल ने गेट खोलने से मना कर दिया तो जीआरपी के 5 सिपाहियों मिलकर राइफल की बट से उसकी निर्ममता पूर्वक पिटाई कर दी, जिससे वो रेल चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट है। उन्‍होंने बताया कि उसके चेस्ट और पेट में गंभीर चोट आई है।

हद तो तब हो गयी जब रेलकर्मियों ने इस बात की सूचना स्‍थानीय सिगरा पुलिस को भी दी लेकिन न तो स्थानीय पुलिस ने कोई तत्‍पर्रता दिखायी और ना ही रेलवे के अधिकारी ही कर्मचारी से मिलकर उसका हाल पूछने पहुंचे।

जोनल सेक्रेटरी के अनुसार कर्मचारी के साथ हैवानियत के विरोध में आज हमने इलाहाबाद वाराणसी रेल मार्ग पर मंडुआडीह स्‍टेशन के समीप धरना दिया है। जबतक जीआरपी के सिपाहियों को निलंबित नहीं किया जाएगा हम अपना धरना नहीं समाप्त करेंगे।

इधर महिला रेल कर्मचारियों ने भी जीआरपी के कुछ सिपाहियों पर अपने साथ अभद्रता का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सिपाही हमें बेवजह परेशान करते हैं। जबकि हम रेलवे के स्टाफ हैं, बावजूद इसके हम जब प्‍लेटफार्म पर होती हैं तो सिपाही जानबूझकर हमसे सवाल-जवाब करने लगते हैं। स्‍टेशन पर दिनभर पागल और गदाई घूमते हैं वो इन सिपाहियों को नहीं दिखते, जिनकी वजह से आये दिन चोरी और जहरखुरानी की घटनाएं घटती हैं।