प्रशासन से नाराज विश्वनाथ गली के निवासियों ने मनाया काला दिवस 

बनारस।  काशी में जहा हर तरफ महाशिवरात्रि को लेकर जोर शोर से मनाई जा रही है। वही काशी की विश्वेश्वर पहाड़ी (विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र) पर बसे मोहल्लों के 273 भवनों को तोड़कर काशी विश्वनाथ को गंगा दर्शन कराने की योजना के विरोधस्वरूप क्षेत्रीय नागरिक काला दिवस मना रहे हैं।  उनका कहना है कि काशी में इस जगह जहां हम रह रहे हैं वहां हमारे पूर्वजों की आत्मा बस्ती है ऐसे में हम कैसे इसे छोड़ सकते हैं।

दुकानदारों व घरो पर  लगाए काले झंडे 
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर ही विश्वनाथ मंदिर, नीलकण्ठ, लाहौरी टोला, ब्रह्मनाल व नेपाली खपड़ा मुहल्ले में क्षेत्रीय नागरिकों ने अपने घरो व दुकानों पर विरोधस्वरूप काला झंडा लगा दिया गया था। वहीं कुछ मकानों पर काला झंडा लगते ही पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूलने शुरू हो गयेथे लेकिन उसके बाद भी आज पूरे विश्वनाथ गली परिक्षेत्र में काले झंडे दिखाई दिए।  साथ ही जगह जगह लोगों ने विरोधस्वरूप पोस्टर भी चिपका रखे थे।
इंटेलिजेंस ब्यूरो  ने किया था आगाह

 गौरतलब है कि पिछले दिनों जब रेड ज़ोन स्थित लाहौरी टोला क्षेत्र में वीडीए की टीम अपना बोर्ड लगाने पहुंची थी तो विडीए सचिव के सामने ही मोहल्ले के लोगों ने बोर्ड उठाकर फेक दिए थे।  विरोध की खबर पुलिस प्रशासन को पहले ही स्थानीय  इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दी थी पर उसके बाद भी आज स्थानीय निवासियों विरोध स्वरुप काला दिवस मनाया।

नहीं छोड़ेंगे विरासत 
क्षेत्रीय नागरिक कृष्ण कुमार शर्मा, दिलीप यादव, कन्हैया त्रिपाठी, शशिधर इस्सर, राजनाथ तिवारी, राजकपूर, सुनील मेहरोत्रा, राजेंद्र तिवारी, बबलू महंत, राजू साव, विनय चौधरी सहित सैकड़ों नागरिक ने एक स्वर में शपथ ली कि हम अपने पुरखों के बनाये भवनों और विरासत को नहीं छोड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो प्राणों की आहुति भी देंगे।