बहुत खास थी ये गंगा आरती, जब दशाश्‍वमेध घाट पहुंचे 175 यूनिवर्सिटी के कुलपति

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बनारस। सर्वविद्या की नगरी काशी में शिक्षकों का महाकुंभ लगा हुआ है। आल इंडिया यूनिवर्सिटी एसोसिएशन से जुड़े 175 विश्‍वविद्यालय के कुलपति इन दिनों बनारस में दलाई लामा संग नयी शिक्षा नीति को लेकर मंथन कर रहे हैं।

देश-विदेश से आये शिक्षाविद् और भारतीय विश्‍वविद्यालयों के कुलपतियों का जुटान जहां दिनभर राष्‍ट्र निर्माण को लेकर भविष्‍य की शिक्षा नीतियां तय करने में जुटा दिखा, वहीं सांझ ढलते ही विद्वानों की ये टोली काशी के विश्‍व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती देखने के मोह से खुद को बचा न सका और पहुंच गया दशाश्‍वमेध घाट।

गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित मां गंगा की दैनिक संध्‍या आरती में वैसे तो हर दिन कोई न कोई वीआईपी जरूर शामिल होता है लेकिन मंगलवार शाम का नजारा कुछ और ही था। आज यहां मां गंगा की आरती का लाभ उठाने एक-दो नहीं बल्‍कि दुनियाभर के 200 से ज्‍यादा विद्वान जुटे थे। इसमें विभिन्‍न भारतीय विश्‍वविद्यालयों के 175 कुलपतियों ने भी देश-दुनिया के मोह-माया से दूर लोकतारणी मां जाह्नवी के तट पर गंगा आरती का भव्‍य नजारा अपनी आखों में हमेशा-हमेशा के लिये कैद कर लिया।

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शाम 6 बज कर 30 मिनट पर 175 विश्वविद्यालय के कुलपतियों के साथ ऑल इंडिया युनिवर्सिटी एसोसिएशन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सचिव भी उपस्तिथ थे। साथ ही सारनाथ तिब्‍बती यूनिवर्सिटी के वाइस चान्सलर डॉ नवांग सामतेंन भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान कई आतिथियों द्वारा भगवती माँ गंगा का वैदिक रीति से गंगा पूजन भी किया गया।

इसके बाद सारे अतिथिगण माँ गंगा की महाआरती में शामिल हुए। यहां उनका तिलक व अंग वस्त्रम प्रसाद देकर स्वागत किया गया। ऑल इंडिया यूनिवर्सिटीज़ के अध्यक्ष प्रो पीबी शर्मा ने बताया,

”ये मेरी जिंदगी के अविस्‍मरणीय पल हैं, सारे अतिथि भी गंगा आरती का ये नजारा देखकर अभिभूत हैं।”

इस मौके पर गंगा सेवा निधि द्वारा अतिथियों का विशेष आभार प्रगट किया गया। इस दौरान गंगा आरती कराने वाली पूरी टीम के साथ ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष शुशांत मिश्र सहित श्याम लाल सिंह, सुरजीत सिंह, हनुमान यादव, इन्दु शेखर उपस्‍थित रहे।

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