बनारस। मोदी सरकार बनने के बाद वाराणसी के जिस रेलवे स्‍टेशन का कायाकल्‍प हुआ है वो है मंडुआडीह। पूर्वोत्‍तर रेलवे का ये स्‍टेशन बीते दो-तीन वर्षों में पूरे जोन में सबसे साफ-सुथरे और खूबसूरत रेलवे स्‍टेशन के रूप में उभरकर सामने आया है।

रेलमंत्री से मिले विधायक
तमाम बड़े बदलाव होने के बाद इस स्‍टेशन के नाम को बदलने की कवायद भी अब तेज हो गयी है। शुक्रवार को वाराणसी उत्‍तरी से बीजेपी विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने इस संबंध में मोदी सरकार में रेलमंत्री पियूष गोयल से मुलाकात की है।

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तो बनारस होगा मंडुआडीह का नाम
विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने मंत्री पियूष गोयल को पत्रक सौंपते हुए मांग की है कि मंडुआडीह स्‍टेशन का नाम बनारस कर दिया जाये। अपनी इस मांग के समर्थन में विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने कुछ तथ्‍यों से भी रेलमंत्री को अवगत कराया है।

मौजूद रहे सीएम योगी और दादा भी
मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की मौजूदगी में विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने रेलमंत्री से मांग की कि जल्‍द से जल्‍द मंडुआडीह का नाम बदलकर बनारस किया जाये। इस दौरान वाराणसी शहर दक्षिणी के पूर्व विधायक ओर पूर्व मंत्री श्‍यामदेव रॉय चौधरी भी मौजूद रहे।

Live VNS से की विशेष बात
बाद में Live VNS से टेलिफोनिक बातचीत के दौरान विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने बताया कि पूर्व में भी मंडुआडीह का नाम बदलकर बनारस करने की मांग वह विभिन्‍न पटलों पर रख चुके हैं। आज लखनऊ में मुख्‍यमंत्री के सामने उन्‍होंने रेलमंत्री पियूष गोयल को इस संबंध में पत्र सौंपा है। विधायक रविन्‍द्र जायसवाल के अनुसार रेलमंत्री ने उन्‍हें आश्‍वासन दिया है कि जल्‍द ही इसपर गंभीरता से विचार किया जायेगा।

इसलिये होना चाहिये बनारस
नाम बदलने के कारणों के पर पूछे गये सवाल के जवाब में विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने स्‍पष्‍ट किया कि काशी के तीन नाम सबसे ज्‍यादा प्रचलित हैं, इनमें क्रमश: काशी, वाराणसी और बनारस का उल्‍लेख किया जा सकता है। सबसे पुराना और प्रचलित नाम तो काशी है, उसके बाद वाराणसी है तथा मुगल और अंग्रेजी हुकूमत के दौरान इसे लोग बनारस कहने लगे। आज यहां काशी नाम का एक स्‍टेशन पहले से ही मौजूद है, वाराणसी के नाम से दो स्‍टेशन हैं, वाराणसी जं. और वाराणसी सिटी, जबकि बनारस नाम से कोई स्‍टेशन यहां नहीं है।

विधायक ने ट्वीट कर के भी दी है जानकारी
वहीं अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर विधायक रविन्‍द्र जायसवाल ने भी इस संबंध में जानकारी उपलब्‍ध करायी है। उन्‍होंने लिखा है –

लखनऊ में रेलमंत्री को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस करने पर प्रस्ताव दिया और कहा कि मंडुआडीह नाम वाराणसी की अच्छी छवि नही दर्शाता और न ही यह नाम वाराणसी से अधिक जुड़ा है।

विधायक रविन्‍द्र जायसवाल का ट्वीट

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वाराणसी का रहने वाला हूं। 2005 से पत्रकारिता के विभिन्‍न माध्‍यमों से जुड़ा हुआ हूं। टीवी, प्रिंट व वेब मीडिया में फील्‍ड और डेस्‍क का अनुभव है। जी न्‍यूज़, अमर उजाला, हिन्‍दुस्‍तान, ईनाडु इंडिया सहित विभिन्‍न संस्‍थानों से जुड़कर अपनी सेवाएं दे चुका हूं। 2013 में वाराणसी के सबसे पहले डेली न्‍यूज के डिजिटल वेब पोर्टल Live VNS की शुरुआत की है। वेब डिज़ाइनिंग, ग्राफिक्‍स डिज़ाइनिंग, डिजिटल मार्केटिंग, SEO, SEM, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया स्‍ट्रेटेजी/मार्केटिंग आदि सेक्‍टर में हाथ आजमाता रहता हूं। अभी पत्रकारिता के आधा गुण ही हैं मुझमें। सोशल मीडिया पर यहां मुझसे जुड़ें।