बनारस। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पूरब के एम्स कहे जाने वाले सर सुन्दर लाल चिकित्सालय का हाल बद से बदतर होता जा रहा है। ऐसा हम नहीं बल्‍कि तस्वीरें और वीडियो इसकी गवाही दे रहे हैं। बीएचयू द्वारा संचालित इस अस्पताल में मरीज़ों की सेहत और ज़िंदगी दोनों से खिलवाड़ किया जा रहा है।

वार्ड में मौज काट रहे आवारा कुत्‍ते
हॉस्पिटल के चरक जनरल वार्ड में मरीज़ों के साथ आवारा कुत्ते आराम से लेटे-बैठे और टहलते दिखाई देते हैं, जिससे मरीज़ों में भय बना हुआ है। वहीं हॉस्पिटल के एमएस ओपी उपाध्याय ने इस लापरवाही का ठीकरा मरीज़ों के अटेंडेंट और नगर निगम पर फोड़ दिया।

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क्‍या मायने नहीं रखती गरीब मरीजों की सेहत
अस्पताल में किसी मरीज़ को एडमिट कर घर परिवार के लोग इस बात से आश्वस्त हो जाते हैं की यहाँ मरीज़ को किसी भी प्रकार का इंफेक्‍शन नहीं होगा, उसका इलाज बेहतर होगा। पैसे वाले और मध्‍यमवर्गीय परिवार तो किसी तरह प्राइवेट अस्‍पतालों में एडजस्‍ट हो जाते हैं, मगर गरीबों के लिये खासकर पूर्वांचल और बिहार के मरीजों के लिए उम्‍मीद की किरण कहे जाने वाले सर सुन्दर लाल चिकित्सालय के चरक जनरल वार्ड की क्‍या दशा है ये इन तस्‍वीरों के जरिये ही समझ में आ जाएगा। हमारी ये सलाह है कि यहां अगर आप इलाज करवाने जा रहे हैं, तो पहले इन तस्वीरों और वीडियो को देखें, जो अस्पताल के चरक डिपार्टमेंट के जनरल वार्ड की है।

बेड पर मरीज, फर्श पर कुत्‍ते
जनरल वार्ड में आवारा कुत्तों का कब्ज़ा है। बेड पर मरीज़ तो बेड के नीचे फर्श पर आराम से आवरा कुत्ते लेटे हुए हैं, जिससे मरीज़ों में भय बना हुआ है। बिहार से आये हुए मरीज़ के अटेंडेंट श्याम बिहारी सिन्हा ने बताया कि यहां हर समय यही स्‍थिति बनी रहती है। कई बार ड्यूटी स्टाफ से शिकायत की गयी। ड्यूटी स्टाफ कुत्तों को भगा देता है, पर थोड़ी ही देर में ये दुबारा लौट आते हैं। इससे हर समय भय का माहौल बना रहता है। कई बार ये यहीं आपस में लड़ने भी लगते हैं, गुर्राते और भौंकने भी लगते हैं, उस वक्‍त इन्‍हें यहां से खदेड़ा जाता है।

अफसर को वाट्सएप पर संज्ञान में आया मामला
इस सम्बन्ध में जब Live VNS ने सर सुन्दर लाल चिकित्सालय के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट ओपी उपाध्याय से बात की तो उन्होंने भी स्‍वीकार किया कि उनके पास वाट्सएप पर फोटो आई है। आगे कहा-

नहीं सुनता नगर निगम
”क्या करें हम, हमने तो इस सम्बन्ध में कई बार नगर निगम को चिट्ठी भी लिखी है, पर वो आते नहीं, की इन्हे यहाँ से उठाकर ले जायें।”

मरीज भी कम दोषी नहीं
”इसके लिये मरीज़ों के अटेंडेंट भी कम दोषी नहीं है, अटेंडेंट इन्हे बचा-खुचा खाना देते हैं, जिसकी लालच में ये दिन भर यहां पड़े रहते हैं।”

सुनिए, Live VNS से क्‍या बोले सर सुंदरलाल अस्‍पताल के एमएस

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