बनारस के किसानों से राहुल ने की मुलाकात, सिर पर कफन की पगड़ी देख हुए भावुक और कहा…

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बनारस। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सर पर कफन बांध कर दिल्‍ली पहुंचे ट्रांसपोर्ट नगर के किसानों के प्रतिनिधिमण्डल से मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी ने मुलाकात की। किसान खेत मजदूर कांग्रेस उत्तर प्रदेश के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय ‘मुन्ना’ के नेतृत्व में 10 किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने दिल्‍ली के 24 अकबर रोड स्‍थित कांग्रेस मुख्‍यालय में राहुल गांधी से मुलाकत की।

किसानों ने लगाया ये आरोप
राहुल गांधी से मुलाकात करने वाले किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के सेक्सन 24 धारा 5 (1) में स्पष्ट प्रावधान है कि योजना अगर पाँच वर्ष में विकसित होकर लागू नही होती है, तो स्वत: निरस्त मानी जायेगी। किसानों ने कहा कि इसके आधार पर मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना जिसको कानून के आधार पर रद्द हो जाना चाहिये लेकिन भाजपा सरकार नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में किसानों की जमीन कानून के प्रावधान को ताक पर रखकर लगातार कब्जा की साजिश रच रही है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बनारस में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का गला घोंटने की कोशिशें हो रही हैं।

राहुल ने देखा खून से लिखा खत
अन्‍तरराष्‍ट्रीय मजदूर दिवस पर वाराणसी के किसानों की वर्षों पुरानी समस्या और मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुए राहुल गाँधी जी ने किसानों द्वारा अपने सांसद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खून से लिखा मार्मिक खत भी देखा। प्रतिनिधि मण्डल का संचालन कर रही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव श्वेता राय ने बताया कि 30 अप्रैल को 85 वर्ष के बुजुर्ग बद्री यादव ने अपना खून निकालकर खत लिखा है।

राहुल से हुई पीएम के संसदीय कार्यालय की शिकायत
कांग्रेस प्रदेश सचिव श्वेता राय ने राहुल गांधी को बताया कि, वाराणसी में बीसों दिनों से किसानों ने खून से लिखा ख़त प्रधानमंत्री, वाराणसी के संसदीय कार्यालय पर देने की कोशिश की तो मोदीजी के वाराणसी कार्यालय प्रभारी ने पुलिस के बल पर किसानों को बलपूर्वक भगा दिया। शान्ति पूर्वक गाँधीवादी तरीके से अपने हक अधिकार की माँग कर अपनी समस्‍याओं पर वार्ता करने गये किसान प्रताड़ना से विचलित हो गये, बावजूद इसके सांसद की ओर से कोई संवेदना नहीं व्‍यक्‍त की गयी।

तो अपनी ही जमीन में दफ्न हो जाएंगे
राहुल गांधी से मुलाकात करते हुए किसानों ने कहा कि हम वाराणसी से कफन बाँधकर आपके पास आये हैं। या तो हम अब अपनी जमीन में दफन हो जायेंगें या जमीन पर भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के आधार पर अपना नाम दर्ज कराकर ही दम लेंगें।

राहुल के छलके आंसू, हुए भावुक
प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसानों की मानें तो उनकी बात सुनने और खून से लिखे खत तथा सिर पर कफन बँधी पगड़ी को बार-बार निहारते हुए राहुल गाँधी की आँखों में आँसू आ गया। राहुल गांधी भावुक हो गये और किसानों से कहा कि अब वाराणसी ट्रान्सपोर्ट नगर के किसानों की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ेगी।

राहुल ने पीएम को कोसा
प्रतिनिधिमंडल की ओर से दी गयी जानकारी के अनुसार राहुल ने किसानों के मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्‍होंने कहा कि खून से खत लिखने के बावजूद संवेदना व्यक्त नहीं करने वाला निश्चित ही क्रूर है। उनतक बात पहुँचाने के लिये खून बहाने और कफन की बात नहीं समझ में आयेगी, क्योंकि उनकी बुनियाद क्रूरता और कट्टरपन पर पड़ी है।

नहीं मिल रहा सर्किल रेट
किसान नेता विनय शंकर राय मुन्ना ने राहुल गाँधी को वाराणसी में रिंग रोड में किसानों की जमीन का मुआवजा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के आधार पर नहीं देने की बात बतायी। उन्‍होंने आरोप लगाया कि रिंग रोड में किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा नहीं दे कर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। इसके अलावा काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र में पौराणिक महत्व वाले मन्दिरों के साथ छेड़छाड़ का मुद्दा भी मुन्‍ना राय ने राहुल गांधी के समक्ष रखा। वहीं गंगा के अस्तित्व पर आये संकट और बनारस के ठेला पटरी व्यवसायियों को असंवैधानिक तरीके से उजाड़ने का आरोप कांग्रेस नेता श्‍वेता राय ने लगाया और राहुल गांधी से पूरे मामले में हस्‍तक्षेप करने की गुजारिश की है।

राहुल ने कहा जंग का बिगुल बजाने का वक्‍त आ गया है
किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने के बाद राहुल गाँधी ने कहा कि, अब वाराणसी से व्यापक लड़ाई लड़ने के लिए विगुल बजाने का वक्त आ गया है, क्योंकि किसानों व ठेला पटरी व्यवसायियों के साथ विश्व की सांस्कृतिक विरासत पर भी विनाश का संकट मंडरा रहा है।

प्रतिनिधि मण्डल की अध्यक्षता किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय मुन्ना, संचालन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव श्वेता राय ने किया। प्रतिनिधिमंडल में प्रेम चन्द गुप्ता, बद्री यादव, अमित राय, वसीम अंसारी, जेएन तिवारी, सुरेन्द्र डाक्टर, मेवा पटेल, छेदी पटेल शामिल थे।