बनारस। गंगा की वर्तमान दशा व दुर्दशा को लेकर वाराणसी में अब राजनीति गरमाने लगी है। चुनावी साल शुरू हो चुका है। गंगा में पानी कम है, जो है वो भी प्रदूषित। नरेन्‍द्र मोदी, जो प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ संसद के निचले सदन में वाराणसी लोकसभा का प्रतिनिधित्‍व भी करते हैं, ने 2014 का महासमर जीतने के बाद वाराणसी में मां गंगा को लेकर एक ऐतिहासिक भाषण दिया था। अब लगता है पीएम का वो भाषण ही बनारस में उनके विरोधियों की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है।

घेरा : पंचकोस में योगी को, अबकी सीधे मोदी को
पंचकोसी यात्रा के मुद्दे पर राजनीतिक बढ़त लेने के बाद अब वाराणसी के कांग्रेसनेता गंगा के मुद्दे पर सीधे-सीधे यहां के सांसद को घेरने में जुट गये हैं। गंगा को लेकर प्रगट की गयी सांसद नरेन्‍द्र मोदी की प्रतिबद्धता चार साल में धरातल पर कहीं नहीं दिखी। यहां तक कि बीते चार साल में गंगा की हालत बद् से बद्तर हो चुकी है, इसे बनारस का हर आमोखास महसूस कर रहा है।

विज्ञापन

मां गंगा से की विनती
कांग्रेसजनों ने बुधवार को राजेन्द्र प्रसाद घाट पर गंगा की प्रार्थना सभा का आयोजन किया। गंगा की वर्तमान दशा को देखकर कांग्रेसियों ने मां गंगा से काशी में बने रहने की विनती की। साथ ही विलुप्त होने के खतरे का आभास कराते हुए पार्टी ने “एक लोटा गंगाजल, ताकि रहे सनद” का अभियान भी शुरू किया।

मां से मांगा आशीर्वाद
अभियान शुरु करने के पहले कांग्रेसजनों ने गंगा में दीपक जलाकर पूजन-अर्चन किया। मां गंगा से मांग की गयी कि वे काशी पर अपनी कृपा बरकरार रखें और पीढ़ी दर पीढ़ी उनका आशीर्वाद काशी पर बना रहे।

बोतलों, लोटों, गैलनों में बांटा गया गंगाजल
कांग्रेसियों ने घाट पर उपस्थित लोगों में एक प्लास्टिक बोतल व गैलन में गंगाजल भरकर बांटा। यह कहकर कि घर रखें यह आने वाली पीढ़ी के लिए सनद रहेगी। यदि वर्तमान स्थिति के चलते मां गंगा विलुप्त हो जाती हैं तो यह बताना पड़ेगा कि काशी में कभी मोक्षदायीनी मां गंगा रहती थीं।

पीएम पर जमकर नारेबाजी
उपस्थित कांग्रेसजनों ने घाट पर गंगा मईया रहा हमरी नगरिया- झूठा बेईमान बाड़न नेतवा हो मईया, महादेव अब खोलो त्रिनेत- यह दशा अब नहीं जाता देख, गंगा को अविरल बहने दो-काशी में गंगा रहने दो, मां गंगा चीत्कार रहीं- अपने बेटे को पुकार रहीं आदि नारे भी लगाये।

गंगा पर सरकार उदासीन
उक्त अवसर पर डा. राजेश मिश्रा और पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि तारणहार मां गंगा आज अपने अस्तित्व को महादेव की नगरी में खोती दिख रही हैं। सरकार की उदासीनता से अविरलता से अब दूर दूर तक कोई नाता नहीं रह गया है।

याद दिलाया वो ऐतिहासिक भाषण
नेताद्वय ने प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक भाषण, ”…मुझे मां गंगा ने बुलाया है” और पूर्व गंगा मंत्री के उद्गार, ”गंगा साफ न हुई तो मैं गंगा में समा जाउंगी” पर सवाल उठाते हुए बताया कि आज भी छोटे बड़े 36 सीवर नालों का पानी गंगा में गिर रहा है। घाट दरक रहे हैं, रेत के टीले टापू बनकर उभर रहे हैं, करोड़ों करोड़ों रुपये बहा दिए गये, आज हर कोई गंगापुत्र कहलाने में गौरव तो महसूस करता है पर गंगा साफ व अविरल बहे इसपर नहीं सोचता।

मेहमानों को गंगा दुर्दशा भी दिखाएं मोदी जी
वक्ताओं ने केन्द्र सरकार व राज्य सरकार से सवाल पूछा कि गंगा दर्शन व गंगा आरती से देश विदेश के मेहमानों को आप गंगा की भव्यता तो दिखाते हैं पर तब क्या हो जाता है जब विलुप्तप्राय गंगा चित्कारती हैं? घाटों पर गंदगी व बहते मलमूत्र तथा जर्जर शौचालय और उनसे आती बदबू क्यों नहीं दिखते? गंगा में बढ़ता प्रदूषण क्यों नहीं दिखता? जल जब आचमन योग्य नहीं रह गया तो कैसा गंगाजल? आज गंगानदी की जो दुर्दशा है वह भयावह है।

गंगा स्‍वच्‍छता अभियान को बीत गये 33 साल
वक्ताओं ने तंज कसा कि धर्म की सर्वाधिक दुहाई देने वाली भाजपा ने अब गंगा नदी को भी वोट बैंक बना डाला, अब नहीं दिखती उन्हें गंगा के प्रति जन सामान्य की आस्था। ज्ञातव्य है कि राजेंद्र प्रसाद घाट पर ही 14 जून 1985 में राजीव गांधी ने गंगा निर्मलीकरण योजना का शुभारंभ किया था।

मौजूद रहे जिले के ये कांग्रेसी
अभियान का संयोजन व नेतृत्व अनिल श्रीवास्तव “अन्नु” ने किया व संचालन कांग्रेस सेवादल के शहर मुख्य संगठक प्रभात वर्मा ने किया, धन्यवाद ज्ञापन राजेश मिश्रा “गुड्ड ने किया। उपस्थित लोगों में प्रमुख रुप से गणेश शंकर पाण्डेय, पूनम कुण्डु, शिखा मौर्या, स्वेता राय, प्रदीप गुप्ता, शिवम वर्मा, रौशन सेठ, विनय राय्, ब्रह्मदत्त त्रिपाठी, जितेन्द्र सेठ, सतीश जायसवाल, श्रीष मिश्रा छोटा, शकील जादूगर, प्रमोद श्रीवास्तव, दिनेश सेठ, दिनेश सैनी, कलाधर साहनी, अतुल मालवीय, शानु मालविय, मीरा तिवारी, पुष्पा शुक्ला, अरूण सोनी, छांगुर लाल, बबलू शुक्ला, मणीन्द्र मिश्रा, राघवेंद्र चौबे, राकेश राठौर, प्रमोद वर्मा, जन्तलेश्वर यादव, नरसिंह, जन्तलेश्वर यादव, संजय डाक्टर, विकास विक्की सेठ इत्यादि शामिल रहे।

देखें वीडियो

विज्ञापन
Loading...
www.livevns.in का उद्देश्‍य अपनी खबरों के माध्‍यम से वाराणसी की जनता को सूचना देना, शि‍क्षि‍त करना, मनोरंजन करना और देश व समाज हित के प्रति जागरूक करना है। हम (www.livevns.in) ना तो कि‍सी राजनीति‍क शरण में कार्य करते हैं और ना ही हमारे कंटेंट के लिए कि‍सी व्‍यापारि‍क/राजनीतिक संगठन से कि‍सी भी प्रकार का फंड हमें मि‍लता है। वाराणसी जिले के कुछ युवा पत्रकारों द्वारा शुरू कि‍ये गये इस प्रोजेक्‍ट को भवि‍ष्‍य में और भी परि‍ष्‍कृत रूप देना हमारे लक्ष्‍यों में से एक है।