बदल रही काशी विश्‍वनाथ मंदिर की व्‍यवस्‍था, इस बार सावन में मिलेंगी ये सुविधाएं

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बनारस। इस वर्ष सावन की शुरुआत आने वाली 27 जुलाई से होगी। सावन का पहला सोमवार 28 जुलाई को होगा। बाबा विश्वनाथ की नगरी में बाबा को जल चढाने आने वाले कावड़ियों को कोई दिक्कत न होने पाए इसके लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। वाराणसी विकास समिति की बैठक में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने इस बाबत की जा रही तैयारियों की जानकारी मीडिया को दी है।

हर साल से ज्‍यादा मिलेगी सुविधाएं
बाबा विश्वनाथ की नगरी में सावन के मद्देनज़र उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि हर साल बाबा विश्वनाथ के दर्शन को लाखों श्रद्धालु वाराणसी आते हैं। श्रद्धालूओं की अपार श्रद्धा और भीड़ को देखते हुए हमने और मंदिर प्रशासन ने मंत्रणा कर श्रद्धालुओं को ऐसी सुविधाएं देने की तैयारी की है जो हर वर्ष से ज्यादा अच्छी होगी जिसका लाभी सभी वर्गों को मिलेगा।

लाइन में ही मिलेगी ये सुविधाएं
कमिश्नर ने बताया कि हमने कुछ चीजों पर कार्य पूरा कर लिया है और कुछ पर कार्य चल रहा है, जिन्हें जल्द ही पूरा करा लिया जायेगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि लाइनों में लगने वाले श्रद्धालुओं को इस बार पीने के लिए साफ़ पानी तथा एयर कूलर की सुविधा दी जाएगी। इसी के साथ शौचालयों की भी व्यवस्था की जा रही है जिसमे पुरुष और महिला दोनों को इसका लाभ मिल सकेगा।

वाराणसी विकास समिति की बैठक में मीडिया से बात करते कमिश्‍नर दीपक अग्रवाल

तिरुपति की तर्ज पर बनेगा होल्‍डिंग एरिया
दूर दूर से आये श्रद्धालुओं को घंटों कतार में भी खड़े रहना पड़ता है। कमिश्नर ने बताया कि श्रद्धालुओं को आराम करने के लिए इस बार होल्डिंग एरिया बनाया जा रह है ताकि श्रद्धालू उसमें आराम कर सकें। उन्‍होंने बताया, ”हमने दो होल्डिंग एरिया का कार्य कम्प्लीट कर लिया है बाकी पर कार्य चल रहा है। इस होल्डिंग एरिया में आराम से बैठने की जगह के साथ साथ बड़ी बड़ी स्क्रीनों पर बाबा विश्वनाथ का दर्शन कराया जायेगा।”

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कमिश्नर ने बताया कि लगभग तैयार हो चुके दोनों होल्डिंग एरिया में पहला काशी विश्‍वनाथ मंदिर मंदिर के छात्ताद्वर के पास जबकि दूसरा मंदिर के पीछे बन रहा है। श्रद्धालुओं को लाइनों में ज्यादा ना परेशान होना पड़े इसलिये उन्हें होल्डिंग एरियाज से सीधा मंदिर तक बारी-बारी से भेजा जायेगा। इसी के साथ सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद लेने में कोई समस्या नहीं होगी दूर से आने वाले लोगों को आसानी से प्रसाद मिल सके।

दर्शन में धक्‍का-मुक्‍की से मिलेगी निजात
मंदिर के गर्भगृह में धक्का मुक्की काफी होती है, जिसके चलते अक्‍सर व्यवस्था प्रभावित होती है। दूर से आने वाले दर्शनार्थियों के सामने गलत छवि बनती है। लोगों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने में काफी तकलीफ उठानी पड़ती है। हाँथ पकड़ के खींचने के चलते काफी लोग घायल तक हो जाते थे। इससे निपटने के लिए कमिश्नर ने बताया कि मंदिर के अंदर क्यू मैनेजमेंट की व्यवस्था बनायीं जा रही है, जिसको सिक्योरिटी फोर्सेज और मंदिर प्रशासन के साथ चर्चा करके पूरा किया जायेगा। इसमें लोगों को एक एक करके एक तरफ से अंदर भेज के दूसरी तरफ से निकाला जायेगा, ताकि वह बड़े आराम से बाबा को जल चढ़ा के दर्शन करके जाएं और मन में कोई दुर्व्यवहार होने का सवाल ना रहे। इस योजना का सीधा फायदा दूर से आने वाले बाबा के भक्तों को मिलेगा।

दिव्‍यांगों के लिये बनेगा रैंप
मंदिर में दर्शन के लिए दिव्यांग असमर्थ हो जाते हैं क्योंकि वहां किसी भी प्रकार का लोहा नहीं जा सकता है। ऐसे में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांगों के लिए रैम्प वाला रास्ता तैयार हो रहा है ताकि किसी भी दिव्यांग को दर्शन करने में समस्या ना उठानी पड़े। रैम्प के निर्माण के बाद वह सभी लोग जो चल पाने में समर्थ नहीं है वह व्हीलचेयर के द्वारा सीधे मंदिर तक आ पाएंगे।

वीआईपी दर्शन के लिये बनेगा अलग रास्‍ता
वीआईपी दर्शन से कोई सामान्य भीड़ को तकलीफ ना हो उसके लिए वहां पर अलग मार्ग का प्रबंध किया जा रहा है। इसमें सारे अधिकारियों के साथ कमिश्नर ने एसपी और सीओ मिलकर पूरे इलाके का एक ब्यौरा कर भ्रमण करके देखा और एक अलग मार्ग के लिए खाका तैयार किया जिसके चलते किसी को भी समस्या ना उठानी पड़े।

दर्शन के लिये कर सकेंगे एडवांस बुकिंग
अधिकारी के अनुसार जल्‍द ही काशी विश्‍वनाथ मंदिर में भी भारत के अन्‍य बड़े मंदिरों की तर्ज पर एडवांस बुकिंग की व्‍यवस्‍था हो सकेगी। इससे लोगों को घंटों लाइन में लगने से निजात मिलेगी। इस व्‍यवस्‍था के तहत एडवांस दर्शन टिकट लेने वालों को आधे घंटे के भीतर दर्शन कराने की व्‍यवस्‍था बनायी जा रही है। कमिश्‍नर के अनुसार मंदिर के प्रसाद के लिये भी विशेष योजना बनायी जा रही है, जहां से लोग शुद्ध प्रसाद खरीद सकें।