बनारस की इस लेडी डॉक्‍टर के कार्यों से प्रभावित हुए PM, देश के सभी डॉक्‍टरों को दिया ये संदेश

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बनारस। दो दिवसीय दौरे पर शनिवार को वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आजमगढ़ और बनारस में हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्‍यास और उद्घाटन किया। वहीं शनिवार शाम प्रधानमंत्री ने डीएलडब्‍ल्‍यू सिनेमा हॉल के प्रांगण में प्रधानमंत्री ने बनारस के 550 प्रबुद्धजनों से मुलाकात की।

इस दौरान पांडेयपुर की एक महिला चिकित्‍सक से मिलने के बाद प्रधानमंत्री उनके कार्यों से इतना प्रभावित हुए कि उन्‍होंने ना सिर्फ उक्‍त महिला चिकित्‍सक का जिक्र अपने भाषण में किया बल्‍कि पूरे देश के डॉक्‍टरों से एक आह्वान भी कर डाला।

पांडेयपुर में निजी चिकित्‍सालय चलाने वाली डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव द्वारा उनके अस्‍पताल में बेटी पैदा होने पर कोई भी फीस ना लेने की जानकारी होते ही प्रधानमंत्री खासे प्रभावित हुए। पीएम ने बाद में मंच से अपने उद्बोधन में देश के सभी चिकित्‍सकों का आह्वान किया कि वे हर महीने की 9 तारीख को जन्‍म लेने वाली बच्‍चियों के लिये कोई फीस ना लें। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं की मुहिम को बल मिलेगा।

प्रधानमंत्री द्वारा तारीफ किये जाने से गद्गद् डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव ने बाद में Live VNS से विशेष बातचीत की।

Live VNS : आज PM ने प्रबुद्धजन की मीटिंग में आपके नाम की तारीफ़ की, आप इसपर क्या कहना चाहेंगी?
डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव : प्रधानमंत्री के आगमन के लिए हम सभी लाइन अप हो कर उनका इंतज़ार कर रहे थे। उस वक़्त सिक्‍योरिटी की ओर से हमे यह कहा गया था की आप लोग अपनी जगह से कहीं मत जाईयेगा, PM खुद ब खुद मिल लेंगे। तो हम सभी वहीं पर उनका स्वागत करने के लिए खड़े थे। जब PM मेरे सामने आये तो उनसे मिलते वक़्त मैंने उनको सूत के धागे में पिरोया हुआ रुद्राक्ष की माला भेंट कर उनका स्वागत किया। क्यूंकि, PM साहब का फूल के गुलदस्‍ते से स्वागत करने में सभी लोग शामिल थे और फूल का वेस्ट होना मोदी जी को पसंद नहीं है।

जब मैंने उन्हें माला भेंट की तो उन्होंने वह माला अपने हांथों में बाँध ली और हमसे मेरे बारें में पूछा। तो मैंने कहा की हम एक चिकिस्तक हैं। हमारे हॉस्पिटल में जब भी लड़कियों पैदा होती हैं तो उसका हम कोई पैसा नहीं लेते। उस ऑपरेशन में खर्च का वहन हमारे अस्पताल द्वारा उठाया जाता है। इस काम में अभी तक 37 ऐसी लड़कियों पैदा हो चुकी हैं। मेरी बात सुनके मोदी जी ने ”बहुत खूब” कहा और आगे बढ़ गए।

हम तो अपनी बात खुद के द्वारा PM को बता दिये थे। हम काफी खुश थे, लेकिन जब मोदी जी ने अपने भाषण के दौरान कहा की हमारी एक ”डॉक्टर बहन” अपने हॉस्पिटल में लड़कियों के होने पर कोई भी डिलीवरी चार्ज नहीं लेती है तो यह मेरे लिए बड़े गर्व की बात थी। हमारे देश के प्रधानमंत्री के द्वारा हमारे काम को सराहा गया और उन्होने कहा की हमारे देश में महीने की 9 तारीख को सभी डॉ अपने हॉस्पिटल में गरीब परिवारों में जन्म लेने पर उन बच्चियों की डिलीवरी हो सके तो फ्री ऑफ़ कॉस्ट करें। क्यूंकि, 9 तारीख एक तरह से नौवां महीने के रूप में हमलोग देख रहे है जैसे ही यह बात मैंने सुनी मेरे आँखों में आसूं आ गए। साथ ही साथ जब उन्होंने हमे अपनी बहन का दर्ज़ा देकर हमको काफी गौरवांतित किया है। जो की हमारे लिए और हम जैसों के लिए बड़ी गर्व और सम्मान की बात है।

Live VNS : आपके कितने भाई बहन हैं??
डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव : जी मैं अपने माता पिता की इकलौती लड़की हूँ। हमारे पिता जी की ब्रेन हेम्रेज से मौत हो गयी थी। उस वक़्त मैं सिर्फ 7 साल की थी। मेरी माता जी ने मुझे पाल पोस के बढ़ा किया है। मैं अपने ननिहाल में बड़ी हुई हूँ।

Live VNS : आप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का बैज लगाए हुए हैं। आप इस मुहीम को किस प्रकार से सफल मुहीम के रूप में देखती हैं और सरकार की इसमें क्या भूमिका देखती है?
डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव : जी मैं तो इस मुहीम को काफी तव्वजों देती हूँ, क्यूंकि इस मुहीम के बाद से हमारे समाज में लड़कियों के विकास की बात हुई है। उनके उत्थान पर लोग बात करते है। सरकार के नियम और कानून और ऐसी योजनाओं का जोर शोर से प्रचार करते हैं। इस कारण आज लोग लड़कियों को बोझ के रूप में ना देख उनको देख के गर्व महसूस करते है। इसके अलावा वह जब भी हमारे यहाँ कोई पिता अपनी बेटी के जन्म के बाद यह कहता है की हम अपनी बेटी को आप की तरह बनाएंगे तो हमे काफी ख़ुशी होती है। काफी गर्व होता है मुझे लड़की होने पर।

Live VNS : आपके द्वारा किस प्रकार इस मुहीम में सहयोग दिया जा रहा है। एक तो आप बच्चियों की फ्री डिलीवरी करती है। तो आप किस प्रकार से इसमें और सहयोग करती हैं?
डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव : जी मैं अपने अस्पताल में टीचर को रख के अपने आस पास की बच्चियों को पढ़वाती हूँ। शाम के वक़्त आस पास की महिलाओं को सिलाई का काम करवाती हूँ ताकि वह सभी स्वालंबी हों।

Live VNS : जैसे आजकल डॉ को लोग सिर्फ इलाज़ के नाम पे जबरदस्ती पैसा कमाने वाले कहते है उस जगह पर आपको इस प्रकार का आईडिया कैसे आ गया?
डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव : जी मैं आपके इस बात का खंडन करती हूँ की डॉ पैसा कमाने का काम करते हैं, ना की लोगों की मदद करते हैं। अगर ऐसा होता है तो डॉ को लोग भगवान् का दर्ज़ा नहीं देते। और तो और लोग डॉ की इज़्ज़त ना करते। जहाँ तक रही बात हमारी तो जब मैने देखा की लड़कियों के होने पे लोग खुश नहीं होते हैं जो की काफी दुखी करता है। इसीलिए हमारे मन में यह बात आयी की क्यों ना अगर हम फ्री डिलीवरी चार्ज के द्वारा लोगों की इस प्रकार मदद करेंगे तो लोग लड़कियों को बोझ नहीं वरदान समझेंगे। और तो और लड़कियों को आगे बढ़ने का मौका देते रहेंगे। इस बात के लिए मुझे मेरे पति ने प्रेरणा दी कि मैं इस तरह से अपना योगदान दूँ ताकि लोगों में लड़कियों के प्रति जागरूरकता बढ़े। मैंने यह सफर करीब चार साल पहले शुरू किया था जिसके बाद आज तक करीब 257 ऐसी बच्चियों की हमने फ्री डिलीवरी की है।

देखें वीडियो, LIVE VNS से बातचीत में क्‍या बोलीं डॉ शिप्राधर श्रीवास्‍तव