आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धान्तों को मॉर्डन साइंस से जोड़ेगी नाड़ी तरंगीड़ी यन्त्र, BHU में हुआ उद्घाटन

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बनारस। आज दिनांक 24.07.2018 को प्रातः 11.30 बजे वेलनेस सेन्टर, धनवन्तरी भवन, आयुर्वेद संकाय में आयुर्वेद के सिद्धान्तों पर आधारित नाड़ी तरंगीड़ी यन्त्र का उद्घाटन संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी द्वारा किया गया। प्रो. त्रिपाठी जी द्वारा बताया गया कि यह मशीन आयुर्वेद के प्राचीन सिद्धान्तों एवं आधुनिक विज्ञान को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
इस मशीन के द्वारा नाड़ी परीक्षण, वेलनेस सेन्टर के कुशल वैद्यों, तक्नीशियनों एवं छात्रों द्वारा की जायेगी। इसके द्वारा हमें व्यक्ति की प्रकृति, बल, अग्नि, दोष, तनाव, तथा भिन्न-भिन्न व्यक्तियों के लिए भिन्न-भिन्न आहार का भी पता चलता है, जिसको हम परीक्षण किए व्यक्ति को सीधे या मेल के द्वारा प्राप्त करा सकते है। इस जॉंच द्वारा स्वस्थ व्यक्तियों का भी परीक्षण कर, उचित आहार-विहार का परामर्श कर चिकित्सालयों की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
वेलनेस सेन्टर के चेयरमैन प्रो. चन्द्रशेखर पाण्डेय ने बताया कि यह मशीन टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए, नाड़ी विधा को पुर्नजीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। जो प्रायः लुप्त होती जा रही थी। शास्त्रों एवं परम्परागत वैद्यों में नाड़ी विधा का प्रचार प्रसार पूर्व में भी रहा है।

इस विधा का वैज्ञानिकीकरण कर इसे विश्वपटल पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। वैद्य सुशील कुमार दूबे जी ने बताया कि नाड़ी परीक्षा का हमारे विधा में एक महत्वपूर्ण स्थान हैं। इसका लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिले। जिससे नैदानिक परीक्षणों को कम किया जा सके। आयुर्वेद संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, भारत में आयुर्वेद विधा को बढ़ावा देने हेतु अग्रणी भूमिका निभाता रहा है, और इसी क्रम में नाड़ी परीक्षा को पुर्नस्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह परीक्षण मरीजों के आने के क्रम से प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक निःशुल्क होगा।
यह परीक्षण चिकित्सकों द्वारा सीधे (मैनुअल) किया जा सकता है, परन्तु यन्त्र परीक्षण से सत्यता में वृद्धि हो सकती है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की ‘प्रतीची प्राची का मेल सुन्दर’ परम्परा के अनुसार संकाय में दोनो प्रकार के परीक्षण कर यन्त्र एवं आयुर्वेद के सिद्धान्तों का पुर्नमूल्यांकन एवं विकास किया जाता रहेगा। इस यन्त्र की कार्यप्रणाली में संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग ने भी रुचि प्रदर्शित की है। इस विषय में डाँ. नरेन्द्र शंकर त्रिपाठी के निर्देशन में एक शोधकार्य भी प्रगति पर है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ सलाहकार एवं पूर्व कुलसचिव प्रो. के.पी. उपाध्याय तथा संयुक्त कुलसचिव प्रवेश परीक्षा, डाँ. एम.आर. पाठक जी ने भी अपनी उपस्थिति एवं शुभकामना से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई तथा अपना परीक्षण भी कराया।

इस कार्यक्रम में संकाय के वरिष्ठ अध्यापक प्रो0 प्रदीप कुमार भारद्वाज, प्रो0 व. मुखोपाध्याय, प्रो. एच.एच. अवस्थी, प्रो. जे.एस. त्रिपाठी, प्रो. उमा गुप्ता, डा. रानी सिंह, डा. नरेन्द्र शंकर त्रिपाठी, डा. पी.एस. उपाध्याय, डा. बन्दना वर्मा, डा. कंचन चौधरी, डा. दिनेश कुमार मीना, डा. संतोष कुमार आदि तथा छात्रगण भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम संचालन डाँ.अनुराग पाण्डेय एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. रानी सिंह ने किया।