बनारस। साल 2011 के एक मुकदमे में पेशी के लिए वाराणसी पहुंचे सूबे के कबीना मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। ओमप्रकाश राजभर ने बलिया के बैरिया सीट से भाजपा विधायक के बयान कि, ”हिंदुत्व को बचाने के लिए लोग 5-5 बच्चे पैदा करें” के बयान पर वाराणसी के सर्किट हॉउस में बोलते हुए कहा कि पहले वो तो 5 बच्चा पैदा करें। वहीं उन्होंने कहा कि सरकार में हमारी पार्टी का एक भी कार्य नहीं हुआ है।

सूबे के कैबिनेट मिनिस्टर शुक्रवार को वाराणसी के ज़िला एवं सत्र न्यायलय में साल 2011 के एक मामले में पेशी के लिए पहुंचे हैं। उस समय उनकी पार्टी के द्वारा वाराणसी जिला मुख्यालय पर किये जा रहे धरना प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा बर्बर लाठी चार्ज किया गया था।

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पहले खुद करें 5 बच्चे पैदा
वाराणसी पहुंचे कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर बैरिया के भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह से बैर ले लिया है। हाल ही में बैरिया विधायक द्वारा हिंदुत्व बचाने के लिए हर हिन्दू को 5 बच्चे पैदा करने की सलाह दी गयी थी। इसी बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पहले वो खुद तो 5 बच्चे पैदा करें।

एक भी कार्य नहीं हुआ है हमारा
सूबे के कैबिनेट मिनिस्टर ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार में सिर्फ भाजपा का कार्य हुआ है। सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी का एक भी कार्य नहीं हुआ है। हम खनन का लाइसेंस नहीं मांगते, हम किसी गिट्टी तोड़ने का क्रशर बैठाने का लाइसेंस नहीं मांगते। हम सिर्फ ग़रीबों मज़लूमों का हक़ मांगते हैं। उनके लिए दवाई मांगते हैं। उनके लिए इलाज और शिक्षा मांगते हैं। जिन किसानों की चकबंदी नहीं हुई है उनका कार्य मांगते हैं पर हमारा कार्य नहीं हो रहा है।

नहीं हो रहा किसानो का काम
भाजपा सरकार बोल रही है कि वो किसानो की सरकार है ऐसे में ओमप्रकाश राजभर बार बार ऐसे आन्दोलनों में जा रहे हैं जहां किसानो के हक़ की बात की जा रही है। इस सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पहले मैं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का अध्यक्ष हूं, उसके बाद भाजपा की सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर हूं। अपने लोगों के प्यार की वजह से आज मैं मिनिस्टर बना हूं। वो हमें कैबिनेट मिनिस्टर की तरह नहीं, सुभासपा के राष्‍ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बुलाते हैं और हाँ जिनका हो रहा होगा काम वो खुश हो रहे हैं और जिनका नहीं हो रहा है वो रो रहे हैं।

सभी ने ले रखा है किसानों का ठेका
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सभी राजनितिक पार्टियों के लिए मुद्दा हैं किसान और सबकी राजनीति यहीं से शुरू होती है। सिर्फ ओमप्र्काश राजभर ने नहीं लिया है ठेका और सबको लेना चाहिए ठेका, लेकिन कार्य करने के लिए लिया है हमने ठेका। लोग कहते हैं कि जो किसान की बात करेगा वो दिल्ली पर राज करेगा, पर मै कहता हूं जो किसानों का काम करेगा वो दिल्ली पर राज करेगा।

बलिया की घटना से खफा
ओमप्रकाश राजभर गुरूवार को कोतवाली बलिया पहुंचे थे और उन्होंने वहां लाईन में लग कर कोतवाल से मुलकात की थी। इस सम्बन्ध में ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि रसड़ा के एक गांव में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनी पक्षों को पुलिस थाने लायी पर एक पक्ष जो भाजपा समर्थित था उसका तुरंत मेडिकल करवाकर बलिया रेफर करवा दिया गया लेकिन हमारे पार्टी के लोग या कहें राजभर भाई लोगों को, जिन्हे गंभीर चोट लगी थी उन्हें 12 बजे तक थाने में बैठाया गया, उसके बाद उन्हें गाली भी दी गयी। ज़्यादा देर बीतने के बाद उन्हें रसड़ा के स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया जहां गंभीर हालत देख डाक्टरों ने बलिया रेफर कर दिया, पर पुलिस उनके साथ नहीं गयी। इसकी वजह से बलिया में भी इलाज नहीं मिला उन्हें। इस बात पर हमने कल कोतवाल को बुलाया तो वो हमारे यहां जब नहीं आये तो मजबूरी में मुझे वहां जाना पड़ा।

सिर्फ भाजपा नेताओं पर लगे संगीन मामले हुए वापस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नेताओं पर लगे राजनितिक मुकदमों की वापसी के एलान के बाद भी एक कैबिनेट मिनिस्टर को पेशी पर आना पड़ा है। इस सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि इस सरकार को पिछले 14 महीने से मै पत्र लिख रहा हूं कि मुकदमा वापस लिया जाए। इस मुकदमे में मेरे साथ 9 लोग और हैं पार्टी के, पर मुकदमा वापसी नहीं हुई है अभी तक, जबकि भाजपा नेताओं के ऊपर से संगीन धाराओं के मुकदमे भी वापिस हो गए हैं। इस सम्बन्ध में अमित शाह को भी पत्र लिखा पर सुनवाई नहीं हुई है।

ये था मामला
दिसंबर 2011 में चौबेपुर के शाहपुर में कई ग़रीबों को उनके घर से बेघर किया गया था सरकार की तरफ से, उनके कच्चे और पक्के मकान तोड़े गए थे। कड़कड़ाती ठण्ड में गरीब कहां जाए इस बात को लेकर ओमप्रकाश राजभर और उनकी पार्टी के लोग डीएम, कमिश्नर और एसडीएम से भी मिले पर कोई सुनवाई नहीं हुई उसके बाद इन लोगों ने जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती को यह बात पसंद नहीं आयी और 4 दिन बाद उनके दो राजभर मंत्री सर्किट हॉउस में मौजूद थे, उसी दौरान हमारे कार्यकर्ताओं के ऊपर लाठीचार्ज किया गया था।

लगे हैं ये आरोप
इस लाठीचार्ज में ओमप्रकाश राजभर सहित शशि सिंह, प्रह्लाद राजभर, विजेंद्र राजभर, रमेश राजभर, राजकुमार गुप्ता, सुभाष राजभर, राजेंदर सहित 9 लोगों को सरकारी संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने और अधिकारियों से मारपीट का आरोप लगाया गया था। मंत्री के अनुसार ऐसा कुछ भी साक्ष्‍य नहीं मिलने पर कोर्ट ने हमें बाइज़्ज़त जमानत दे दिया था।

देखें वीडियो, वाराणसी में मीडिया से बातचीत में क्‍या बोले मंत्री ओम प्रकाश राजभर

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