हाईटेक होगा BHU अस्‍पताल, ऐप के जरिये मिलेंगे डॉक्‍टर, मोबाइल से लगेगा नंबर, जमा होगी फीस

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नारस। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के अस्पताल को एम्स का दर्जा मिल चुका है और इसकी घोषणा 15 अगस्त को प्रधानमंत्री करेंगे, लेकिन उसके पहले ही सर सुंदरलाल चिकित्सालय में एम्स जैसी सुविधा को तैयार कर लिया गया है। इसका भी उद्घाटन प्रधानमंत्री 15 अगस्त को दिल्ली से ही करेंगे।

अब काउंटर-काउंटर नहीं दौड़ना होगा
बीएचयू हॉस्पिटल में मरीजों को सहूलियत देते हुए एक स्‍मार्टफोन ऐप का निर्माण किया गया है। इस ऐप के लॉंच होने के बाद मरीजों को एक काउंटर से दूसरे काउंटर नही दौड़ना पड़ेगा। साथ ही कई अन्‍य सुविधाएं भी इस ऐप से मिलेंगी।

15 अगस्‍त को लांच होगी सुविधा
इस संबंध में बात करते हुए सर सुंदरलाल चिकित्सालय के सीएमएस डॉ विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि 15 अगस्त को एक ऐसा ऐप लांच होने जा रहा है, जो इस अस्पताल से आस लगाए हुए 27 करोड़ भारतीयों के साथ साथ नेपाल के मरीजों के लिए भी लाभदयक होगा। यह ऐप बनकर लगभग तैयार है। इसको आने वाले स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा लांच करवाने की तैयारी है।

डॉ विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि इस एप को डॉउनलोड करने के बाद कोई भी व्‍यक्‍ति बीएचयू के बारे में, यहां के अस्पताल के बारे में और अस्पताल की सुविधाओं के बारे में जान सकेगा।

मिलेगी डॉक्‍टरों की पूरी जानकारी
इसके अलावा इस ऐप में यह खासियत होगी कि अलग-अलग चिकित्सा विभाग के साथ-साथ विभिन्‍न रोगों के स्‍पेशलिस्‍ट डॉक्टरों का नाम, उनकी डिग्री और ओपीडी में उनके उठने-बैठने का समय, दिन व स्थान भी पता चल जाएगा। सीएमएस ने बताया कि इससे मरीज़ के परिजनों को घर बैठे ही यह पता चल जाएगा कि कौन सा डॉक्टर कब मिलेगा। वो उपलब्ध है या नही।

डिजिटल टोकन
सीएमएस डॉ विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि इस ऐप में हमने एचडीएफसी बैंक से टाई अप करके पेमेंट गेटवे भी डाला है। इस पेमेंट गेटवे से मरीज़ को टोकन कटवाने के लिए लंबी लाइन का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। वो ऑनलाइन पेमेंट करके अपना टोकन ले सकता है। उसी नंबर पर मरीज़ को देख जाएगा।

डिजिटल कार्ड से होगा पेमेंट
सीएमएस डॉ विजय नाथ मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में भी एक विंडो से डिजिटल कार्ड बनाया जाएगा। मरीज़ के परिजन से पैसे लेकर उसे एक कार्ड, मनी वैल्यू के साथ दे दिया जाएगा। इससे उसे हर काउंटर पर पैसे देने की समस्या नही होगी, वो कार्ड दिखायेगा और उस कार्ड के नंबर की एंट्री के साथ उसका काम हो जाएगा। कार्ड में पैसे खत्म होने पर दुबारा से उसी विंडो पर जाकर रीचार्ज किया जा सकता है।

एम्स बनने की तैयारी कर रहे सर सुंदर लाल चिकित्सालय की यह डिजिटल ऐप और डिजिटल कार्ड सेवा इस अस्पताल को नयी बुलंदियों पर ले जाएगी।

देखें वीडियो, से बातचीत में क्‍या बोले बीएचयू अस्‍पताल के मुख्‍य चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ विजय नाथ मिश्रा