बनारस। सदानीरा मां गंगा इस समय उफान पर हैं। काशी के सभी घाटों की सीढ़ियां पार करते हुए अब गंगा जी शहर की तरफ बढ़ने को आतुर दिख रही हैं। मौसम विभाग के अगले 72 घंटों में मूसलाधार वर्षा और तूफान के एलर्ट के बाद वाराणसी में शनिवार को गंगा खतरे के निशान से सिर्फ 4.2 मीटर नीचे बह रही हैं। रातों-रात बढ़ रहीं गंगा फिलहाल केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह 8 बजे स्थिर पाई गई हैं।

मुख्‍यमंत्री करेंगे हवाई दौरा
वहीं ताजा जानकारी के अनुसार मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ आज प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने वाले हैं। मुख्‍यमंत्री यूपी के गोंडा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने के साथ ही गंगा और घाघरा में आई बाढ़ का हवाई जायजा भी लेंगे। जानकारी के अनुसार गोंडा के एल्‍गिन चरसड़ी बांध में दरार आने की सूचना पर शासन-प्रशासन के कान खड़े हो गये हैं।

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हथिनी कुंड बैराज खोले जाने से बढ़ा पानी
बता दें कि वाराणसी समेत इलाहाबाद, बलिया, आजमगढ़, गोंडा और गाजीपुर में गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। बताया जा रहा है कि दिल्‍ली के हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण यमुना के रास्‍ते गंगा में पानी बढ़ा है।

बनारस में फिलहाल शांत हैं गंगाजी
वाराणसी में गंगा का जलस्तर इन दिनों काफी बढ़ गया है। बीच मे घटने के बाद एकबार फिर शुक्रवार से गंगा ने बढ़ना शुरू कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग के द्वारा जारी सुबह 8 बजे के आंकड़ों के मुताबिक गंगा बाढ़ के चेतावनी बिंदु 70.26 से 4 मीटर नीचे 66.20 पर बह रही हैं और फिलहाल इस समय स्थिर हैं।

तटवर्ती इलाकों में अलर्ट जारी
गंगा के बढ़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन और एनडीआरएफ ने तटवर्ती इलाकों में रहने वालों के लिये चेतावनी जारी कर दी है। इस चेतावनी के बाद तटवर्ती लोग अब धीरे-धीरे पलायन करने लगे हैं।

1978 में बनारस में आई थी ऐतिहासिक बाढ़
बता दें कि वाराणसी में बाढ़ का खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है। इस निशान को पार कर के साल 1978 में मां गंगा 73.90 मीटर तक पहुंचं गयी थीं। उस समय शहर के लक्सा थाने के पास तक गंगा का पानी आ गया था। पुराने लोगों के अनुसार तब बेनियाबाग इलाके में नाव चलने लगी थी।

 

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