नारस। 15 मई को हुए हादसे के बाद बंद हुए चौकाघाट-लहरतारा फ्लाई ओवर का निर्माण एक बार फिर शुरू हो चुका है। पुल में लगने वाले स्पाइन बीम का कार्य भी दो दिन से चल रहा है , जिसको लेकर सेतु निगम के आग्रह पर यातयात विभाग ने रुट डायवर्जन भी किया है ताकि किसी हादसे की पुनरावृत्ति न हो लेकिन स्पाइन बीम लांचिंग के दौरान अमानवीयता की जो तस्वीर सामने आयी है वह एक बार फिर सेतु निगम की लापरवाही को दर्शा रहा है। सेतु निगम के द्वारा हो रहे इस कार्य में सड़क से ऊपर 50 फुट से अधिक की उचाई पर मज़दूर बिना सेफ्टी बेल्ट के मौत की बाज़ी लगाकर कार्य कर रहे हैं।

विज्ञापन

स्पाइन बीम लांचिंग
15 मई को निर्माणाधीन चौकाघाट – लहरतारा फ्लाई ओवर के स्पाइन बीम के गिरने से हुए हादसे में 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। इसके बाद दुबारा जब इस पुल का कार्य शुरू हुआ तो यातायात विभाग ने रुट डायवर्जन किया और 7 अगस्त और 8 अगस्त को समय समय पर डायवर्जन कर इस बीम की लांचिंग हो रही है।

हादसों को एक बार फिर दावत
चौकाघाट – लहरतारा फोर लेंन फ्लाईओवर एक बार फिर हादसों को दावत दे रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए यातायात का डायवर्जन तो मांग लिया पर इस बीम लांचिंग में कार्य कर रहे 50 से अधिक मज़दूरों को भगवान् भरोसे छोड़ दिया है। नियमनुसार इन्हे कोई भी सुविधा नहीं दी गयी है।

मौत की बाज़ी
स्पाइन लांचिंग में लगे ये मज़दूर अपनीमौत की बाज़ी लगाकर 500 रूपये की दिहाड़ी पर कार्य रहे हैं। ज़मीन से ऊपर 50 फुट से अधिक की ऊंचाई पर हवा में दो छड़ों पर अपनी रबर की चप्पल टिका कर बैलेंस बनाये ये मज़दूर सेतु निगम के अधिकारियों की तरफ एक बार फिर भ्रष्टाचार की संलिप्ततता का एलान कर रहे हैं।

निर्माण कार्य में अलग से होता है सेफ्टी का मद
सेतु निगम के एक रिटायर्ड परियोजना निदेशक के अनुसार जब किसी पुल के निर्माणके पहले उसका डीपीआर बनता है तो इसमें व्यय होने वाले पैसे में एक बड़ा मद सेफ्टी का होता है, जिसमे मज़दूरों की सेफ्टी के लिए बहुत सारे उपकरण खरीदने की बातें लिखी होती है, लेकिन कभी भी कार्य के शुरू होने के दौरान से लेकर ये सेफ्टी एक्यूपमेंट मज़दूर के पास नहीं दिखाई देते बस उन्हें मैन ऑन वर्क की कैप दी जाती है।

एक बार आम जनता को अपना शिकार बना चुके इस फ्लाईओवर पर एक बार फिर इतनी बड़ी चूक हो रही है जबकि सेतु निगम का मंत्रालय खुद डिप्टी सीमे केशव प्रसाद मौर्या के पास है। वक़्त है मंत्रालय को ध्यान देने का वरना कही फिर कोई हादसा न हो जाए।

जान की बाज़ी लगाकर वाराणसी के इस फ्लाईओवर पर काम कर रहे हैं मज़दूर

विज्ञापन
Loading...