नारस। बीते 10 अगस्त को वरुणा नदी में डूबे किशोर के शव को राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल (11 NDRF) की टीम ने दो दिनों के अथक प्रयास के बाद ढूंढ निकाला है। एनडीआरएफ के गोताखोरों ने शव को घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर से खोज निकाला है। इसके बाद एनडीआरएफ के डीआईजी ने वाराणसी की जनता से एक मार्मिक अपील भी की है।

दोस्‍तों के साथ मस्‍ती करने गया था दीपक
गौरतलब है 10 अगस्‍त को थाना क्षेत्र कैंट के अन्तर्गत ग्राम पहलु का पुरा, फुलवरिया निवासी 15 वर्षीय युवक दीपक दोस्‍तों के साथ वरूणा नदी मौज मस्‍ती करने गया था, जहां उसकी उफनती नदी में डूबकर मौत हो गयी। बावजूद इसके किशोर का शव नहीं मिला था। मामले की जानकारी होते ही 11 एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभालते हुए दो दिन की कड़ी मशक्कत के बाद किशोर के शव को ढूंढ निकाला। 11 NDRF की 15 सदस्यीय टीम ने वरूणा नदी में पहले दिन गोतखोरों और मोटर बोट की सहयता से देर रात तक शव की खोजबीन की लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण किशोर का शव डूबने के स्थान से बहुत दूर निकल चुका था।

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एनडीआरएफ की टीम के गोताखोरों ने अगले दिन घटनास्थल से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी से दीपक के शव को खोज निकाला। जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

11 NDRF ने की अपील
वहीं उफनती नदियों को ध्यान में रखते हुए डीआईजी 11 एनडीआरएफ आलोक कुमार सिंह ने आम जन मानस से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में नदियां काफी उफान पर बह रही हैं, जिससे बच्चे व नवयुवक आकर्षित होकर इनमें नहाने या जलक्रीड़ा के लिये आने लगे हैं, लेकिन ये नवयुवक या बच्चे उफनती नदी की भयावहता को नही समझ रहे हैं और अपने प्राणों को संकट में डाल रहे हैं।

परिजन ध्‍यान दें
डीआईजी एनडीआरएफ आलोक कुमार सिंह ने परिजनों से मार्मिक अपील करते हुए कहा है, ”इस प्रकार की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए मेरी लोगों से अपील की है कि लोग अपने बच्चों को अकेले नदी या घाटों पर स्नान करने या घूमने ना जाने दें। यदि जाना आवश्यक है तो स्वयं की सुरक्षा व्यवस्था और नदी की गहराई को ध्यान में रखें और तत्काल तैयार फ़्लोटिंग डिवाइस जैसे लाइफ जैकेट, हवा भरा हुआ टयूब आदि की सहयता से ही नदी के किनारे ही स्नान करें।

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