अस्सी घाट पर शिवसेना ने किया भाजपा सरकार का बुद्धि – शुद्धि यज्ञ

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नारस। शृंगार गौरी में जलाभिषेक करने जा रहे शिवसैनिकों को गिरफ्तार करने एवं माधवराव धरहरा में तिरंगा झंडा फहरानेके विरोध में गुरुवार को अस्सी घाट पर प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का अस्सी घाट पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसमे साधु संतों के साथ आम नागरिक भी शामिल रहे।

झंडा फहराने पर किये गए गिरफ्तार
इस अवसर पर अरुण पाठक ने कहा क़ि मोदी जी के संसदीय क्षेत्र काशी में स्थित माधवराव धरहरे पर राष्ट्रीय पर्वो पर तिरंगा झंडा फहराने पर गिरफ्तार किया जाना अत्यन्त दुःखद है। आजादी के 71 साल बाद भी तिरंगा झंडा फहराने पर गिरफ्तार किया जाना गुलाम मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति का परिचायक है।

राष्ट्रीय धरोहर माधवराव धरहरा
माधवराव धरहरा राष्ट्रीय धरोहर है हम वहां किसी धर्म विशेष का नही बल्कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति चाहते है। इस बारे में हम लोगों ने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी तथा वाराणसी के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर वहां तिरंगा झण्डा फहराने की अनुमति मांगी गयी परन्तु उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।

प्रशासन ने कराया गिरफ़्तार
शिवसैनिक खुद देश के सम्मान की रक्षा के लिए वहां तिरंगा झंडा फहराने के लिए तिरंगा रैली निकाल कर जा रहे थे कि प्रशासन ने शिवसैनिको को बलपूर्वक न सिर्फ तिरंगा झंडा फहराने से रोका बल्कि तिंरगा झंडा समेत गिरफ्तार कर थाने में भी बैठाया लिया गया।

सरकार पर निकली भड़ास
वही श्रृंगार गौरी के जलाभिषेक करने के मुद्दे पर अरुण पाठक ने कहा कि पूर्व की सरकारो द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत माता श्रृंगार गौरी की पूजा अर्चना करने की कोशिश पर शिवसैनिकों को गिरफ्तार किया जाता रहा है जिसके विरोध में मैंने कई बार माता का रक्ताभिषेक भी किया है परन्तु हिंदुत्व के मुद्दे पर आई भाजपा सरकार द्वारा गिरफ्तार किया जाना भाजपा का दोहरा चेहरा उजागर करता है।

सरकार कर रही है हमारे अधिकारों का हनन
इसके साथ उन्होंने जनता को इनकी सच्चाई का पता चलना चाहिए। हमारा संविधान सबको धार्मिक आजादी प्रदान करता है और माता श्रृंगार गौरी का दर्शन पूजन करना हमारा संवैधानिक अधिकार है। जिसका हनन सरकारें मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत करती आई हैं।अगर अब भी इनकी बुद्धि में शुद्धि नही हुई ततो 2019 के महायज्ञ में जनता इनकी बुद्धि को पूरी तरह शुद्ध कर देगी।

यज्ञ में प्रमुख रूप से श्री 1008 रामानुजाचार्य जगतगुरु स्वामी सम्पतकुमाराचार्य जी ,आचार्य श्री कृष्ण भगवान पाण्डेय जी,सहित काशी के विद्वान बटुक एवं भारी संख्या में महिलाये शिवसैनिकों के साथ उपस्थित रही ।