2 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से बढ़ रही हैं गंगा मइया, शुरू हुई बाढ़ चौकियां

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बनारस। सदा नीरा शहर के सभी घाटों को अपनी आगोश में लेते हुए शहर की तरफ अग्रसर हैं। ऐसे में तटवर्तीय इलाकों में जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए पूर्व में बाढ़ प्रभावित हुए सभी इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा जी में प्रतिघंटा 2 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी आंकी गयी है।

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इस सम्बन्ध में सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव करते हुए सभी विभागों के साथ एक समन्वय बैठक बाढ़ रहत कार्य योजना के तहत की। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी गांवों में लाइफ जैकेट्स भेज दी गयी है ताकि बाढ़ से प्रभावित गांवों में किसी भी तरह की जन हानि न हो।

सदा नीरा के तट पर बेस शहर बनारस इस बार गंगा रौद्र रूप में आ चुकी हैं। गंगा सीढ़ियों से चढ़ते हुए शहर में बढ़ चली हैं। इस वजह से तटवर्ती इलाकों में रहने वालों के लिए यह पानी मुसीबत बन गया है। घरों में पानी घुसने की वजह से लोग पलायन को मजबूर हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए सभी इलाकों को सचेत किया है। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बुधवार को ज़िले सभी विभागों के साथ एक समन्वय बैठक की।

जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने टीम livevns को बताया कि गंगा जी का जो वार्निग लेवल 72.26 का है और वार्निंग लेवल 71. 26 है। इस समय 68.97 है। हमने एहतियात के तौर पर बाढ़ के लिए बनाये गए कंट्रोल रूम को जारी कर दिया है। हमारे अधिकारियों ने मंगलवार की रात में जनपद के सभी पुराने बाढ़ क्षेत्रों का दौरा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं।

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शुरू हुई बाढ़ चौकियां
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार रात से ही हमने जनपद की सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर दिया है। ये बाढ़ चौकियां हर समय बाढ़ की विभीषिका पर नज़र रखेगी और किसी भी अनहोनी को होने से रोकेगी।

हुई समन्वय बैठक
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में मदद को लेकर बुधवार को सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों संग जिलाधिकारी ने बैठक भी। बैठक के बाद सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ में जनता के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए हमने सभी विभागों जैसे बिजली, पंचायती राज, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई और जल निगम की बैठक की गयी है। सभी विभागों का जो कर्त्वय है बाढ़ राहत को लेकर वो उन्हें बता दिया गया है।

सभी एसडीएम को दी गयी लाइफ जैकेट्स
डीएम ने बताया कि सभी मजिस्ट्रेट को लाईफ जैकेट्स दे दी गयी है और वो उन ग्राम पंचायतों तक पहुंचा दी जायेगी ताकि किसी भी डूब क्षेत्र में कोई अनहोनी न होने पाए। इसके अलावा हम इस दौरान जो बोट किराय पर लेते हैं उनसे भी संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा सभी ग्राम प्रधानों जो की इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से आते हैं उन्हें भी ज़रूरी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।

ग्राम स्तरीय अधिकारियों को भी किया अलर्ट
गांवों में बाढ़ के पानी के अंदर आने को देखते हुए ग्राम स्तरीय अधिकारी चाहे वो सेक्रेटरी हो या लेखपाल सभी को अलर्ट किया गया है। बाढ़ में पशुओं को कोई समस्या न हो इसके लिए पशुचिकित्सा अधिकारी ने भी अपना कार्य करना शुरू कर दिया है।

बनारस का सौभाग्य की यहां है NDRF
जिलाधिकारी ने कहा कि यह बनारस का सौभागय है कि उत्तर प्रदेश में एनडीआरएफ का मुख्यायलय बनारस में है और ये आपदा मोचन बल किसी भी आपदा से निपटने के लिए हमेशा तत्पर हैं। हमारा संपर्क हर समय एनडीआरएफ से है और एनडीआरएफ भी अलर्ट मोड पर है, जहां जैसी आवश्यकता होगी वहां एनडीआरएफ भेजी जाएगी।

जनता से की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों को जो निर्देश मिले लोकल एडमिनिस्ट्रेशन से, पुलिस से या पंचायती राज अधिकारी से उसका पालन करें , अकसर देखा गया है कि लोग चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करते हैं जिसकी वजह से दुर्घटना का शिकार बनते है। जनता से हमारी अपील है की वो शासन की चेतावनी को गंभीरता से लें और शासन द्वारा बनाये गए शेल्टर होम में शरण ले लेना।

वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर के सम्बन्ध में केंद्रीय जल प्रमाण बोर्ड के संजय चौरसिया ने बताया कि बुधवार की सुबह 8 बजे गंगा जी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे 69.00 पर बह रही है। इसमें 2 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। संजय चौरसिया ने बताया कि जिस हिसाब से गंगा जी में बढ़ोत्तरी हो रही है उससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि अभी गंगा में बढ़ाव जारी रहेगा। संजय ने बताया कि गंगा में बढ़ाव की वजह से वरुणा में बैक फ्लो हो रहा है। इस वजह से वरुणा के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।